चरखी दादरी। धान उत्पादक किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए सरकार 1,000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन राशि दे रही है। उपायुक्त राहुल नरवाल ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कहा कि धान की कटाई के बाद किसान खेत में आग न लगाएं। आग लगाने से वायु प्रदूषण होता है और मिट्टी के पोषक तत्व भी नष्ट हो जाते हैं।
उपायुक्त ने बताया कि जिले में कई हजार हेक्टेयर भूमि पर धान का उत्पादन होता है। मूछल और गैर बासमती धान के अलावा इस बार बासमती धान उत्पादक किसानों को भी प्रोत्साहन राशि का लाभ दिया जाएगा। प्रदेश सरकार की ओर से फसल अवशेष प्रबंधन योजना एसबी-82 के तहत मशीनों की सहायता से अवशेषों को मिट्टी में मिलाने पर किसानों को प्रति एकड़ 1,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है। धान के अवशेषों को मिट्टी में मिलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी। इससे वातावरण को स्वच्छ रखने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने बताया कि जिले के किसान हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, रिवर्सेबल एमबी प्लाऊ, जीरो टिल सीड ड्रिल की सहायता से धान के अवशेषों को मिट्टी में मिलाकर प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि आवेदक किसान को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है।
किसान 30 नवंबर तक कर सकते हैं आवेदन
कृषि विभाग के उपनिदेशक डाॅ. जितेंद्र अहलावत ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए किसान को विभागीय पोर्टल www.agriharyana.gov.in पर तीस नवंबर तक आवेदन करना होगा। ग्रामस्तरीय कमेटी (वीएलसी) से सत्यापन होने के बाद पात्र किसानों को प्रोत्साहन राशि का लाभ दे दिया जाएगा।
- अनुदान पर खरीद सकते हैं ये संयंत्र
डॉ. जितेंद्र अहलावत ने बताया कि किसान कृषि विभाग से अनुदान पर रोटावेटर, एमबी प्लाऊ, सुपर सीडर, हैप्पी सीडर आदि आधुनिक कृषि यंत्रों की खरीद कर सकते हैं।