संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। गणतंत्र दिवस पर संयुक्त किसान मोर्चा व ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर किसान संगठनों और खाप पदाधिकारियों ने शुक्रवार को शहर में ट्रैक्टर मार्च निकाल शक्ति प्रदर्शन किया। मेजबान चौक से ट्रैक्टर मार्च की शुरुआत की गई, जबकि समापन लघु सचिवालय पहुंचकर किया। इस दौरान यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई।
ट्रैक्टर मार्च की अगुवाई किसान सभा जिलाध्यक्ष रणधीर सिंह कुंगड ने की, जबकि बतौर मुख्य वक्ता किसान सभा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड इंद्रजीत व सीआईटीयू प्रदेश महासचिव कामरेड जयभगवान ने शिरकत की। जिलाध्यक्ष ने बताया कि जिले के 100 से अधिक ट्रैक्टरों व अन्य वाहनों के जरिये लोगों ने अपनी सहभागिता दिखाते हुए सरकार की पूंजीपति नीतियों की निंदा की। उन्होंने केंद्र व प्रदेश की सरकार पर जनविरोधी होने के आरोप लगाकर मजदूर, किसान व अन्य वर्ग के लिए कल्याणकारी नीतियों को धरातल पर लागू करने की आवाज उठाई।
उन्होंने बताया कि सर्वप्रथम सभी लोग मेजबान चौक पर एकत्रित हुए। बाद में किसानों ने ट्रैक्टरों पर सवार होकर शहर में रोष मार्च निकाला। वक्ताओं का आरोप है कि भाजपा सरकार किसान मजदूरों की मांगों से ध्यान बंटाने के लिए धर्म के नाम पर वोट मांगना चाहती हैं। इस दौरान सांगवान खाप सचिव नरसिंह डोहकी, झोझू कन्नी प्रधान सूरजभान, पूर्व प्रवक्ता राजेंद्र सिंह डोहकी, फौगाट खाप प्रधान बलवंत फौगाट, सचिव सुरेश, प्रवक्ता शमशेर, सतगामा प्रधान जगवीर, चिड़िया खाप प्रधान राजवीर शास्त्री, ईश्वर जेवली, पंवार खाप से मास्टर महावीर, जगदीश, किसान सभा सचिव नरेंद्र, विजेंद्र सांगवान, सुरेंद्र मोठसरा आदि मार्च में शामिल हुए।
किसानों की मुख्य मांगें
एमएसपी की गारंटी कानून लागू करना, बिजली बिल 2023 वापस लेना, लखीमपुर खीरी के किसानों को न्याय दिलाना, वर्ष 2022 व 23 का बकाया बीमा क्लेम व मुआवजे का भुगतान, लावारिस पशुओं का उचित प्रबंध, किसान व मजदूरों को कर्ज मुक्त करना, ट्यूबवेल कनेक्शन शुरू करना, पुरानी पेंशन नीति लागू करना, खाली पदों पर स्थायी भर्ती करवाना, चारों लेबर कोड वापस लेकर पुराने श्रम कानून लागू करना आदि किसानों की मुख्य मांगे हैं।
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शहर में ट्रैक्टर मार्च निकालते विभिन्न संगठनों के अधिकारी व सदस्य। संवाद
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ट्रैक्टर मार्च के दौरान बस स्टैंड रोड पर बनी जाम की स्थिति। संवाद