चरखी दादरी। किसान फसलों की कटाई एवं कढ़ाई सीजन में खेत के आसपास पानी का प्रबंध जरूर रखें ताकि आग आदि की घटना होने पर समय रहते काबू पाया जा सके। कटाई एवं कढ़ाई के दौरान जरूरत के अनुसार बीच में कुछ समय के लिए विश्राम अवश्य करें ताकि ज्यादा थकान न होने पाए। विशेषज्ञों की मानें तो कटाई एवं कढ़ाई के दौरान ज्यादा खुले वस्त्र न पहनें। फसल कटाई होने के बाद खलिहान को बिजली के तारों आदि से दूर रखें।
रबी की फसलोंं की कटाई का समय चल रहा है। इस बार सरसों का रकबा प्रदेशभर में ही ज्यादा है क्योंकि सरसों का भाव ज्यादा होने की वजह से किसानों ने गेहूं के बजाय सरसों की ज्यादा क्षेत्र में बिजाई की है। फसल कढ़ाई एवं कटाई के दौरान किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
फसल की कटाई एवं कढ़ाई के दौरान खेत में धूम्रपान कतई न करें। हुक्का आदि के लिए आसपास आग न जलाएं। कई बार हवा के रुख से आग की लपटें फैल जाती हैं और फसल को चपेट ले लेती है जिससेे बाद में आग पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है। हर साल रबी सीजन में आग आदि की घटनाओं से राज्यभर में करीब चार हजार एकड़ क्षेत्र में खड़ी या कटी फसलें जल जातीं हैं।
- ढीले कपड़े पहनने पर अंग भंग और मौत का अंदेशा रहता है। कटाई एवं कढ़ाई के समय किसान ज्यादा ढीले कपड़े न पहनें। कई बार कपड़े ढीले होने पर कढ़ाई करते समय थ्रेशर की चपेट में आ जाते हैं जिससे हाथ या शरीर का अन्य अंग गंवा बैठते हैं। प्रदेशभर में हर वर्ष थ्रेशर मशीन से अंग कटने की 50 तक घटनाएं हो जातीं हैं।
फसलों की कटाई के दौरान किसान पर्याप्त नींद लें। खलिहान को बिजली के तार से दूर रखें। जरूरत पड़ने पर कृषि विभाग के अधिकारियों से सलाह ली जा सकती है। - डॉ. जितेंद्र सिहाग, बीएओ एवं तकनीकी सहायक, कृषि विभाग।