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किसानों ने दादरी अनाज मंडी को जड़ा ताला, बाढ़डा और कादमा में दिया धरना

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Farmers locked Dadri grain market, Strike in Bharda and Kadma - फोटो : CharkhiDadri
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पोर्टल की समस्या और धीमी बाजरा खरीद से खफा किसान संगठनों ने मंगलवार को जिले की दादरी अनाज मंडी के गेट पर ताला जड़ दिया। इसके अलावा किसानों ने बाढड़ा और कादमा खरीद केंद्रों पर धरना दिया। वहीं, दादरी मंडी का गेट बंद करने को लेकर भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों की कपास बेचने पहुंचे किसानों से कहासुनी भी हुई। पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करवाया। दादरी मंडी में धरना दे रहे किसान नेताओं को एसडीएम विरेंद्र सिंह ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद दोपहर करीब दो बजे मंडी का ताला खोल दिया।
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सुबह करीब दस बजे दादरी मंडी में भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसान एकत्रित हुए। दादरी मंडी में भाकियू पदाधिकारियों ने सुबह 10:50 पर ताला जड़ दिया। बाढड़ा और कादमा खरीद केंद्र पर भी आढ़ती और किसान धीमी खरीद प्रक्रिया से खफा होकर धरने पर बैठ गए।
दादरी मंडी के गेट पर धरना दे रहे किसानों को बीडीपीओ सुभाषचंद्र और डीएसपी रामसिंह बिश्नोई ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे समस्या के समाधान का आश्वासन मिलने तक ताला न खोलने की बात पर अड़े रहे। दोपहर 12:50 पर भाकियू पदाधिकारियों ने मंडी का दूसरा गेट बंद करने का प्रयास किया। इस दौरान कपास बेचने मंडी पहुंचे किसानों ने इसका विरोध किया। इस दौरान दोनों पक्षों में कहासुुनी भी हुई । गहमागहमी बढ़ती देख पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करवाया। बाढड़ा और कादमा क्षेत्र के किसानों और आढ़तियों ने भी धीमी खरीद पर रोष जताया है। झोझूकलां ग्राम पंचायत ने भी दादरी मंडी पहुंचकर खरीद प्रक्रिया दुरुस्त करने के लिए अधिकारियों से मुलाकात की। मार्केट कमेटी सचिव सुरेश खोखर ने ग्राम पंचायत को समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
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एसडीएम के सामने ये रखीं समस्याएं
किसान यूनियन पदाधिकारियों ने दोपहर एक बजे मंडी पहुंचे एसडीएम विरेंद्र सिंह के समक्ष कई समस्याएं रखीं और उनका समाधान करवाने की मांग की। किसानों ने पहली मांग करते हुए कहा कि बाजरा खरीद के लिए दादरी मंडी में प्रतिदिन 500 और ग्रामीण खरीद केंद्रों पर 300 किसानों को बुुलाया जाए। इसके अलावा कपास बेचने वाले किसानों को दो धर्मकांटों पर तोल करवाना पड़ रहा है और दोनों में 10 से 20 किलोग्राम का अंतर आ रहा है। इसलिए धर्मकांटे की जांच करवाई जाए। बाजरा और कपास की नियमित खरीद की जाए और किसानों का भुगतान भी जल्द किया जाए।
नहीं चला पोर्टल, दोपहर बाद हुई कपास की खरीद
मंगलवार को भी सुबह पोर्टल न चलने के कारण कपास की खरीद नहीं हो पाई। सोमवार को भी मंडी में किसान कपास नहीं बेच पाए थे। दोपहर करीब दो बजे पोर्टल चला और इसके बाद ही मंडी में किसानों से कपास खरीदी गई। मंगलवार को करीब 100 से अधिक किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों में कपास लेकर मंडी पहुंचे।
किसान बोले : खरीद प्रक्रिया को को गति दे सरकार
- मंडियों में किसान परेशान हैं। बाजरा और कपास की खरीद बेहद धीमी चल रही है। सरकार को गेटपास की संख्या बढ़ानी चाहिए, ताकि किसान समय पर अपनी फसल बेच सके।
रामसिंह, किसान
- बाजरा की खरीद बेहद धीमी चल रही है और कम किसानों को ही मंडी बुलाया जा रहा है। एक बार में किसान से सारी उपज नहीं खरीदी जा रही और धीमी खरीद के चलते दोबारा नंबर आने की संभावना कम है।
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रत्न सिंह, किसान
किसानों की समस्याओं से हमने उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया है। जल्द ही इनका समाधान हो जाएगा। दोपहर बाद बाजरा और कपास की खरीद की गई।
सुरेश खोखर, सचिव, मार्केट कमेटी

Farmers locked Dadri grain market, Strike in Bharda and Kadma- फोटो : CharkhiDadri

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