एमएसपी पर कपास की खरीद शुरू होते ही आवक जोर पकड़ने लगी है। वीरवार को दादरी नई अनाज मंडी के बाहर कनीना रोड पर ट्रैक्टरों की कतारें लगी रहीं। ज्यादा किसान मंडी पहुंचने से अव्यवस्था बनी रही और अधिकारियों हालातों पर काबू पाने में नाकाम रहे। किसानों ने कर्मचारियों पर चहेतों को पहले टोकन जारी करने के आरोप लगाते हुए नारेबाजी कर रोष जताया।
पिछले चार दिनों से जिले में कपास की एमएसपी पर खरीद हो रही है। 12 प्रतिशत नमी तक की कपास ही किसानों से खरीदी जा रही है। पहले तीन दिन की बजाय वीरवार को करीब तीन गुना अधिक किसान मंडी पहुंच गए। सुबह चार बजे ही मंडी के बाहर ट्रैक्टरों की कतार लगनी शुरू हो गई। सुबह नौ बजे तक यह कतार चिड़िया मोड़ तक लग गई। कुछ देर तक चिड़िया मोड़ पर ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित रही, लेकिन वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने अव्यवस्था पर काबू पा लिया।
मंडी पहुंचे किसान अमित, जयबीर, संदीप, दीपक, लीलाराम, बिजेंद्र व सुनील ने बताया कि वे सुबह पांच बजे से मंडी के बाहर खड़े हैं। उनसे आगे करीब 100 किसान थे। वे लाइन में लगे हुए हैं, लेकिन कर्मचारी अपने चहेतों को सीधा आगे बुलाकर टोकन जारी कर रहे हैं। ऐसे में घंटों इंतजार करने और नंबर आने पर भी कपास नहीं बेच पा रहे। इन किसानों ने व्यवस्था पर रोष जताते हुए नारेबाजी की।
अब तक 250 किसानों से खरीदी गई महज पांच हजार क्विंटल कपास
दादरी मंडी में कपास की खरीद काफी देरी से शुरू हुई है। सीसीआई मंडी परिसर में अपने स्तर पर कपास की खरीद कर रही है। अब तक जिले के 250 किसानों से महज पांच हजार क्विंटल कपास ही खरीदी गई है। अब किसानों की संख्या बढ़ते ही अधिकारियों ने कम संख्या में किसान मंडी बुलाने की मांग की है।
अब प्रतिदिन 100 ट्रॉली ही खरीदी जाएगी कपास
सीसीआई अधिकारी ने वीरवार को मार्केट कमेटी सचिव को अव्यवस्था को लेकर पत्र लिखा है। पत्र में किसानों की संख्या घटाने की मांग की गई है। इसके बाद मार्केट कमेटी ने फैसला लिया है कि प्रतिदिन 100 ट्रॉली कपास ही खरीदी जाएगी और किसानों को एक दिन पहले मंडी आकर टोकन लेना होगा।
किसान बोले: अधिकारियों के नाक नीचे कर्मचारी कर रहे गड़बड़ी
- जो किसान सुबह से लाइन में खड़े हैं उन्हें रोककर कर्मचारी अपने चहेतों को अंदर बुलाकर टोकन दे रहे हैं। अधिकारियों के नाक के नीचे ऐसा हो रहा है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
सुनील, निमली
- मैं सुबह करीब पांच बजे मंडी पहुंचा था और पिछले छह घंटे से लाइन में खड़ा हूं। कर्मचारी बीच-बीच में अपने चहेतों को बुलाकर टोकन दे रहे हैं, जबकि जो किसान सुबह से कतार में खड़े हैं उन्हें रोका जा रहा है।
बिजेंद्र, छितरौली
किसानों की भीड़ ज्यादा है और इसके चलते कुछ अव्यवस्था हुई है। खरीद में कोई अनियमितता नहीं बरती जा रही। कर्मचारी अगर गड़बड़ी कर रहे हैं तो मैं अपने स्तर जांच करूंगा। कपास की नियमित खरीद की जा रही है।
अंकित, असिस्टेंट परचेज मैनेजर
सीसीआई की तरफ से मुझे एक पत्र मिला था और इस पर संज्ञान लेते हुए अब प्रतिदिन 100 किसानों को ही मंडी बुलाकर कपास खरीदी जाएगी। किसान को खरीद से एक दिन पहले मंडी आकर टोकन लेना होगा और यह अनिवार्य है।
सुरेश खोखर, सचिव, मार्केटिंग बोर्ड
442 किसानों से खरीदा 1310 मीट्रिक टन बाजरा
जिले के आठ खरीद केंद्रों पर वीरवार को 442 किसानों से 1310 मीट्रिक टन बाजरा खरीदा गया। इन केंद्रों से 1157 मीट्रिक टन बाजरा का उठान भी किया गया। करीब 50 किसानों को खरीद केंद्रों से वापस लौटना पड़ा। दो केंद्रों पर वीरवार को भी बाजरा की खरीद नहीं हो पाई।
हैफेड परचेज मैनेजर विरेंद्र सिंह ने बताया कि अब तक जिले में 9426 मीट्रिक टन बाजरा की खरीद हो चुकी है। खरीद केंद्रों से 6715 मीट्रिक टन बाजरे का उठान हो चुका है। उन्होंने बताया कि वीरवार को दादरी मंडी में 125 किसानों से साढ़े तीन हजार क्विंटल बाजरा खरीदा गया। बौंदकलां में 23 किसानों से 560 क्विंटल, झोझूकलां में 36 किसानों से 1060 क्विंटल, कादमा में 25 किसानों से 680 क्विंटल, रानीला में 25 किसानों से 550 क्विंटल, बाढड़ा में 60 किसानों से 1720 क्विंटल, दगड़ोली में 75 किसानों से 3100 क्विंटल और अटेला खुर्द में 73 किसानों से 1930 क्विंटल बाजरा खरीदा गया। विरेंद्र सिंह ने बताया कि वीरवार शाम तक जिले में 3301 किसानों से एमएसपी पर बाजरा खरीदा जा चुका है।
Farmers arrived in Mandi to sell cotton, accusing employees of giving tokens to loved ones, shouting slogans- फोटो : CharkhiDadri