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Charkhi Dadri News: कपास की सरकारी खरीद के लिए किसानों को मिल रही सिर्फ तारीख

Sun, 16 Nov 2025 02:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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दादरी की नई अनाज मंडी में सड़कों पर रखी कपास की फसल। 
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चरखी दादरी। दादरी जिला में इस बार भारी बारिश के बावजूद कपास की बंपर पैदावार हुई है लेकिन सरकारी खरीद शुरू न होने से किसान परेशानी में फंस गए हैं। पिछले 4 दिनों से किसानों को मंडी में कपास की सरकारी खरीद शुरू होने को लेकर केवल तारीख पर तारीख मिल रही है। सरकारी खरीद शुरू न होने की स्थिति में किसान निजी फर्मों पर औने-पौने दामों में अपनी फसल बेच रहे हैं।
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कपास की भारी आवक के कारण मंडी की सड़कें ब्लॉक हो चुकी हैं, जिससे यातायात भी प्रभावित हो रहा है। किसानों का आरोप है कि सरकार खरीद शुरू करने में देरी कर रही है, जबकि निजी फर्मों ने मौके का फायदा उठाते हुए कम कीमतों पर फसल खरीदना शुरू कर दिया है।







एमएसपी से कम मिल रहा दाम







सरकार की ओर से कपास के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य औसत 8,110 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन खरीद प्रक्रिया शुरू न होने के कारण किसान मजबूरी में निजी फर्मों को 5,000 से 7,500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच अपनी मेहनत की फसल बेचने को विवश हैं। कई किसानों ने बताया कि यदि वे अपनी फसल वापस घर ले जाएं तो खराब होने, नमी बढ़ने या चोरी जैसे जोखिम बढ़ जाते हैं।
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ये बोले किसान...

सरकारी खरीद शुरू न होने से मंडी में फसल बेचने के लिए किसानों के पास केवल निजी फर्म ही विकल्प है। यहां आढ़ती फोन पर ज्यादा रेट बता देते है और जब किसान मंडी में फसल लेकर आता है तो उसकी काफी कम कीमत दी जाती है। इस कारण नुकसान हो रहा है।

-किसान अमित, गांव जेवली



मंडी में व्यापारियों की ओर से कपास की फसल के 4000 रुपये से लेकर 6500 रुपये प्रति क्विंटल दाम दिए जा रहे है, जबकि सरकारी मूल्य पर वही कपास 7500 रुपये तक बेची जानी थी। ऐसे में किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

-किसान राजेश, गांव आदमपुर











मंडी में है कपास की काफी अधिक आवक

मंडी में इन दिनों कपास की इतनी अधिक आवक है कि जगह कम पड़ती जा रही है। कई किसान सड़कों पर और मंडी के रास्तों में कपास की ढेरियां लगा रहे हैं। इससे न सिर्फ आवागमन बाधित हो रहा है, बल्कि कपास की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि जब मौसम अचानक बदलता है और फसल खुले में पड़ी रहती है, तो नमी बढ़ने से भाव और नीचे चला जाता है।







खरीद के लिए सिस्टम तैयार नहीं







किसान गोपाल, राम निवास सांगवान, देशराज, महेंद्र आदि ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से कपास की सरकारी खरीद शुरू करवाने की गुहार लगा रहे हैं लेकिन हर बार उन्हें अगले दिन आएं, सिस्टम तैयार नहीं है, जैसी बातें सुननी पड़ रही है।













कपास की खरीद को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। कपास की गुणवत्ता के चलते खरीद में थोड़ा विलंब हुआ है। सोमवार से मंडियों में कपास की खरीद शुरू करवा दी जाएगी।



- चंद्रशेखर, केंद्र इंचार्ज, सीसीआई







मंडी में बाजरे की फसल की खरीद चल रही है तथा कपास की खरीद सीसीआई के द्वारा सोमवार से शुरू करवाई जाएगी। जिसके बाद किसान अपनी फसल को एमएसपी पर बेच सकेंगे।
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- विजय कुमार, सचिव, मार्केट कमेटी दादरी।
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