सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग के लिए किसान प्रदर्शन करते हुए।
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चरखी दादरी। अखिल भारतीय किसान सभा की जिला कमेटी की बैठक सोनी धर्मशाला के पास आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता किसान नेता बिजेंद्र सांगवान ने की। जिला कमेटी प्रधान रणधीर कुंगड़ ने कहा कि दादरी जिले में सूखा की वजह से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है।
सरकार को जिले को सूखाग्रस्त घोषित करना चाहिए। किसान सभा नेता रणधीर कुंगड़ ने कहा कि विशेष गिरदावरी करवाकर क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला जाए और किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। नहरों में पर्याप्त पानी छोड़ा जाए ताकि सिंचाई के साथ-साथ गांवों में पेयजल संकट दूर हो सके। बैठक में फसल बीमा कंपनियों से एक सप्ताह के अंदर क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट पूरा करने की मांग की गई। किसान रबी फसल की तैयारी के लिए खराब फसल को हटाने के लिए मजबूर हैं इसलिए समय पर क्रॉप कटिंग जरूरी है।
कृषि विभाग पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध करवाए और बीमा कंपनी की मौजूदगी में क्रॉप कटिंग करवाकर संबंधित किसान को इसकी रसीद उपलब्ध करवाए। कमेटी के उपाध्यक्ष कामरेड ओमप्रकाश ने बताया कि 26 नवंबर को किसान आंदोलन की छठी वर्षगांठ पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान-मजदूर आंदोलन को फिर से तेज करेंगे। इस दौरान एमएसपी की सांविधानिक गारंटी, बिजली के निजीकरण पर रोक, बीज विधेयक वापस लेने, किसानों की कर्जमाफी व प्राकृतिक आपदाओं में पूर्ण मुआवजा और बीमा क्लेम की मांग उठाई। मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करने व आठ घंटे कार्य दिवस को सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई।
किसान सभा ने निर्णय लिया कि इन मांगों के बारे में गांव स्तर पर बैठकें आयोजित कर किसान सभा की कमेटियों को मजबूत किया जाएगा। सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। बैठक में किसान सभा जिला सचिव नरेंद्र फोगाट, वरिष्ठ उप प्रधान अनोखी देवी, उप प्रधान मास्टर महाबीर, फतेह सिंह, ओमप्रकाश खोरड़ा, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र मोठसरा व ओम नंबरदार शामिल हुए।