चरखी दादरी। किसानों की चार सूत्रीय मांगों के लिए किसान यूनियन के नेता बुधवार को प्रदेश महासचिव रणबीर फौजी घिकाड़ा के नेतृत्व में स्थानीय रोज गार्डन में एकत्रित हुए। रोज गार्डन में बैठक का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य रूप से जलभराव से खराब फसलों का मुआवजा, बाजरे की भावांतर भरपाई की राशि, कथित फर्जी गेट पास मामले की जांच और ट्रैक्टर की रजिस्ट्रेशन फीस 10 गुना बढ़ाने आदि विषयों को लेकर रोष जताया गया।
किसान संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि विधायक सुनील सांगवान ने इन मांगों के बारे में मुख्यमंत्री से वार्ता करने की बात कही थी, लेकिन अभी तक इस पर अमल नहीं हुआ है। किसान नेता जगबीर घसौला, भाकियू प्रदेश महासचिव रणबीर घिकाड़ा, जिला संरक्षक यादवेंद्र डूडी ने कहा कि विधायक की ओर से कार्यक्रम की व्यस्तता बताते हुए संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
तत्पश्चात किसान नेताओं ने बैठक कर इस विषय में विचार- विमर्श किया। कमेटी सदस्य पूर्व सरपंच ओमप्रकाश, मास्टर मेहताब सिंह,सुरेंद्र पहलवान ,पचगांव खाप प्रधान राजवीर शास्त्री, पूर्व सरपंच धर्मपाल गोठडा,पूर्व सरपंच राज सिंह,पूर्व छात्र नेता बलजीत,पूर्व सरपंच अतर सिंह आदि ने रोष जताया।
पूर्व सरपंच ओमप्रकाश ने कहा कि बीते मानसून सीजन में जलभराव के कारण सबसे ज्यादा नुकसान गांव इमलोटा, निमली, सरूपगढ़-सांतौर, मोरवाला, बिगोवा, कन्हेटी आदि के किसानों की फसलों में हुआ था। सरकार ने 10 प्रतिशत किसानों को भी फसल खराबे का मुआवजा नहीं दिया। ओमप्रकाश ने कहा कि किसानों को जमीनी स्तर पर जोड़ने के लिए सतगामा खाप की बैठक बुलाकर चार सूत्रीय मांगों के लिए विचार किया जाएगा।
पचगांव खाप प्रधान राजवीर शास्त्री ने बैठक में कहा कि सतगामा खाप की पंचायत के बाद चिड़िया खाप की पंचायत करेंगे। भाकियू प्रदेश उपाध्यक्ष रामकुमार सोलंकी,अमरजीत,सुरेंद्र रानीला ने सुझाव दिया कि कृषि क्षेत्र की सभी योजनाओं के ऑनलाइन पोर्टल को बंद किया जाए क्योंकि पोर्टल की वजह से किसानों को किसी भी योजना का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। बैठक में चांद रानीला, महताब सिंह, राजपाल, सूबेदार गोपीराम लांबा, भूप सिंह, नसीब कलकल, रामकिशन, रोशनलाल आदि मौजूद रहे।