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तत्कालीन सह सचिव पर मार्केट फीस की एवज में उगाही का आरोप, आढ़तियों ने सौंपे शपथ पत्र

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चरखी दादरी। सीजन में आढ़तियों द्वारा खरीदी सरसों को मार्केट फीस जमा करवाए बिना ही मंडी से बाहर भेजने का मामला सामने आया है। आढ़तियों के रिकॉर्ड की जांच के लिए अनाज मंडी में पहुंचे जेडएमईओ को आढ़तियों ने इस संबंध में शपथ पत्र भी सौंपे हैं। इनमें तत्कालीन सह सचिव पर मार्केट फीस की एवज में नौ हजार रुपये प्रति गाड़ी उगाही करने के कथित आरोप लगाया गया है। इन आरोपों की विभागीय जांच शुरू हो गई है और पिछले तीन दिनों से रोहतक जेडएमईओ ओमबीर सिंह दादरी मार्केट कमेटी में डेरा डाले हुए हैं। हालांकि अधिकारियों का तर्क है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी और जल्द ही जांच रिपोर्ट तैयार हो जाएगी।
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हुआ यूं कि मार्केट कमेटी सीए को एक शिकायत प्राप्त हुई थी। इसमें मंडी में खरीद के बाद सरसों बिना मार्केट फीस भरे बिना ही बाहर भेजने की बात कही थी। सीए ने तत्काल रोहतक जेडएमईओ ओमबीर सिंह को मामले की जांच के लिए दादरी भेजा। टीम ने बुधवार को यहां पहुंचकर पक्के आढ़तियों का रिकॉर्ड खंगाला तो ई-वे बिल और क्रय-विक्रय के रिकॉर्ड में अंतर पाया गया। मार्केट फीस को लेकर जब टीम ने आढ़तियों से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि तत्कालीन सह सचिव को वो मार्केट फीस की एवज में प्रति गाड़ी नौ हजार रुपये सौंप चुके हैं। इस संबंध में आढ़तियों ने वीरवार को टीम को शपथ पत्र भी दिया है। इस शपथ पत्र में सात फर्मों ने इन आरोपों को समर्थन किया है। इन फर्म संचालकों ने बताया कि तत्कालीन सह सचिव ने मार्केट फीस की रसीद बाद में देने की बात कही थी, लेकिन अब रसीद या रुपये वापस देने से इनकार कर दिया है।
जेडएमईओ की टीम तीन दिन से मंडी में मामले की जांच कर रही है जेडएमईओ ओमबीर सिंह ने बताया कि मामले की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि कितने रुपये आढ़तियों से मार्केट फीस की एवज में लिए गए हैं। अनाज मंडी में गत सीजन में करीब पांच लाख क्विंटल से अधिक सरसों की खरीद हुई है। हालांकि पूरी खरीद निजी तैयार पर ही हुई है।
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मामले में संलिप्त एक कर्मचारी को भी टीम ने किया तलब
मंडी सूत्रों के अनुसार तत्कालीन सह सचिव के अलावा मामले में एक अन्य कर्मचारी की संलिप्ता भी सामने आई है। उक्त कर्मचारी सिक्योरिटी गार्ड है और उस पर सरसों से भरी गाड़ियों को मंडी से बाहर भेजने का आरोप है। टीम ने वीरवार को उक्त सिक्योरिटी गार्ड को तलब कर पूछताछ की है और उक्त कर्मचारी ने कुछ रिकॉर्डिंग भी टीम को सौंपी हैं।
4500 क्विंटल सरसों की जुर्माने के साथ भरवाई मार्केट फीस
डीएमईओ श्यामसुंदर बंसल ने बताया कि वीरवार को तीन फर्मों के 18 ई-वे बिल और क्रय-विक्रय के रिकॉर्ड में अंतर पाया गया। इन फर्मों से करीब साढ़े चार हजार क्विंटल सरसों की मार्केट फीस जुर्माना राशि के साथ भरवाई गई है। करीब सवा दो लाख रुपये मार्केट फीस और 70 हजार रुपये जुर्माना इन फर्मों से वसूला गया है। मार्केट फीस सरसों के रेट का एक प्रतिशत होती है और सात दिन के अंदर यह जमा करवानी होती है।
शपथ पत्र देने वाले आढ़ती नहीं बोलने को तैयार
इस मामले की तह तक जाने के लिए संवाददाता शुक्रवार दो घंटे तक मंडी में रही। इस दौरान शपथ पत्र देने वालीं सात फर्म में से पांच के मालिकों से बातचीत की गई, लेकिन कोई मामले पर कुछ बोलने को तैयार नहीं है। रिकॉर्ड जांच के लिए पहुंची टीम के गड़बड़ी पकड़ में आने के बाद ही शपथ पत्र देना भी कई सवाल खड़े कर रहा है।
सीए के निर्देशों पर हमारी टीम मामले की जांच कर रही है। फिलहाल जांच जारी है और पूरी होने के बाद ही मैं कुछ बता पाऊंगा। वीरवार को आढ़तियों ने हमें शपथ पत्र सौंपा है और इसकी जांच भी हमने शुरू कर दी है।
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- ओमबीर सिंह, जेडएमईओ, रोहतक मंडल
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