चरखी दादरी। जनस्वास्थ्य विभाग के तमाम प्रयासों के बावजूद बारिश थमने के 24 घंटे बाद भी शहर की कई गलियों व सड़कों पर जलभराव है। इसके चलते लोगों को आवागमन में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। शहरवासियों ने विभागीय अधिकारियों से जल्द से जल्द पानी निकासी कराने की मांग की है। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पानी निकासी की कवायद लगातार जारी है और जल्द ही पूरे शहर से पानी की निकासी कर दी जाएगी।
बता दें कि शनिवार को शहर में करीब 20 एमएम बारिश हुई थी और इसके चलते सीवर व्यवस्था जवाब दे गई थी। बारिश के पानी की रविवार शाम तक भी निकासी नहीं हो पाई। शहर के मुख्य रोहतक रोड पर डीसी आवास के पास देर शाम तक पानी भरा रहा। हालांकि विभाग ने पानी निकासी के लिए 15 जगहों पर पंप व मोटरें लगा रखे हैं, लेकिन इसके बाद भी बारिश थमने के 24 घंटे बाद भी निकासी नहीं हो पाई।
रविवार शाम को संवाददाता ने पंजाब नेशनल बैंक के पीछे स्थित कॉलोनी, मुथरी घाटी, बस स्टैंड के पीछे स्थित गली, शनि देव मंदिर वाली गली के अलावा रोहतक रोड का जायजा लिया। इस दौरान इन जगहों पर बारिश का पानी भरा मिला। वार्ड-17 के लोगों ने बताया कि पार्क के सामने दूषित पानी भरा होने से उन्हें आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं। यहां जलभराव की समस्या पिछले करीब एक साल से नियमित अंतराल पर बन रही है।
500 लोगों को झेलनी पड़ रही परेशानी
लोहारू रोड से केशवदास मौहल्ला, चरखी दरवाजा, रविदास नगर आदि को जोड़ने वाली शनि देव मंदिर वाली गली में जलभराव होने से स्थानीय लोगों के अलावा गली से रोज गुजरने वाले 500 से अधिक लोग परेशान हैं। लोगों ने बताया कि इस गली में सीवर व्यवस्था जवाब दे चुकी है और एक दिन हुई बारिश के पानी की कई दिनों तक निकासी नहीं हो पाती।
लोग बोले: जल्द हो पानी की निकासी
- हर बार बारिश होते ही हमारी गली में जलभराव हो जाता है। कई बार विभागीय अधिकारियों के समक्ष इस संबंध में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस है।
जसवंत फौगाट, वार्ड-17
- कॉलोनी में सीवर व्यवस्था ठप है और इसके चलते लाइनें बारिश के पानी का दबाव नहीं झेल पाती। अभी भी गली से पानी निकासी में दो से तीन दिन का समय लगेगा और तब तक परेशानी झेलनी पड़ेगी।
मनफूल सिंह, शनि मंदिर गली निवासी
शहर के ज्यादातर क्षेत्रों से बारिश का पानी निकाल दिया गया है। कुछ क्षेत्रों में अभी पानी भरा है जिसकी जल्द निकासी करवा दी जाएगी।
बीके जावला, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग