चरखी दादरी। विकास और बढ़ती आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए जहां प्राकृतिक संसाधनों का दोहन तेजी से किया जा रहा है, कुछ लोग आज भी प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए गंभीर हैं। शहर निवासी संजय रामफल भी ऐसी ही शख्सियतों में शुमार हैं जो पक्षी संरक्षण व पौधरोपण से पर्यावरण को संजीवनी देने का काम कर रहे हैं।
पर्यावरण प्रेमी संजय रामफल ने 2004 में अपने घर से ही प्रकृति संरक्षण की शुरुआत की। एक दिन वे घर पर थे और आंगन में बैठे हुए थे। घर में एक खाली बर्तन में पानी की कुछ बूंदें रखी हुई थीं। उसी दौरान दो चिड़ियां आपस में लड़ पड़ीं। पास जाकर देखा तो बर्तन में पानी की बूंदों को लेकर चिड़ियों की लड़ाई हुई। यह देखकर उनके मन में पक्षियों के लिए पानी रखने का विचार आया और उस बर्तन में पानी भर दिया।
इसके बाद एक घंटे तक उन्होंने नजर रखी और काफी पक्षियों ने वहां आकर पानी पिया। बाद में वे प्रतिदिन पक्षियों के लिए पानी और दाना रखने लगे। पौधरोपण उनके घर में हमेशा से रही है। परिजन गमलों में पौधे लगाते थे और इसकी प्रेरणा उन्हें घर से मिली। उनका कहना है कि प्राणी व पौधों से ही प्रकृति का निर्माण हुआ है दोनों ही प्रकृति के मूल घटक हैं। दोनों में से अगर एक भी नष्ट होता है तो प्रकृति को काफी हानि पहुंचती है और प्रकृति को संरक्षित रखने के लिए पक्षियों व पौधों का संरक्षण करना होगा। अब पक्षियों के लिए बर्ड टॉवर बनाना उनका अगला उद्देश्य है और अगले पर्यावरण दिवस तक लक्ष्य प्राप्ति पर फोकस रखेंगे। संवाद
अब तक लगा चुके 5 हजार घोंसले
रामफल ने बताया कि पहले तो अपने घर पर या मंदिर आदि में पक्षियों के लिए रहने और दाना-पानी की व्यवस्था करता था, लेकिन तीन साल से पक्षियों व पौधों के लिए काफी रुझान हुआ है। वर्ष 2022 में उन्होंने पक्षियों के लिए 4 हजार घोंसले बनवाए थे। इनका उन्होंने सार्वजनिक स्थानों, ग्रामीण क्षेत्र व शहर में घरों में वितरण किया। लोगों से मिलकर उनको घोंसले वितरित करते हैं। इसके बाद कभी 200 तो कभी 500 घोंसले बनवाकर वितरित किए।
- गर्मी सीजन में 50 क्विंटल अनाज भी किया वितरित
संजय रामफल ने इस गर्मी सीजन में पक्षियों के लिए 50 क्विंटल अनाज भी रखा है। इसको उन्होंने कभी मंदिर में, घर और शहर के कोर्ट परिसर क्षेत्र में लगे सकोरों में रखा है। अब तक 3 हजार सकोरे का वितरण व रखरखाव कर चुके हैं और घर में भी पक्षियों के लिए विशेष स्थान बनाया है।
- सीजन अनुसार चलाते हैं मुहिम
संजय रामफल सीजन अनुसार मुहिम चलाते हैं। गर्मी में विशेषतौर पर परिंडा लगाओ अभियान चलाते हैं। इसके बाद मानसून में हर घर तुलसी, पौधरोपण व पौध वितरण अभियान चलाते हैं। शादी के समय पर जोड़े को परिंडा व तुलसी भेंट करते हैं और अपने साथ एक पक्षी जोड़े का घर बसाने के लिए प्रेरित करते हैं।
कैप्शन
फोटो- 15 संजय रामफल ने पक्षियों के लिए घर पर लगाए घोंसले। संवाद
फोटो- 16
पक्षियों के लिए घोंसले वितरित करते हुए संजय रामफल। संवाद
फोटो-17
पक्षियों लिए बनवाए घोंसले रखकर बैठे संजय रामफल। संवाद ::::::::::::::::::::