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Charkhi Dadri News: धरने पर बैठे कर्मचारी, दोपहर तक नहीं उठा कचरा

Wed, 17 Jan 2024 01:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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नगर परिषद कार्यालय में धरना देते कर्मचारी व समर्थन देने पहुंचे पार्षद।
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चरखी दादरी। समय पर वेतन न मिलने पर एजेंसी के 46 कर्मचारियों ने मंगलवार सुबह शहर के डंपिंग प्वाइंट्स और घर-घर जाकर कचरे का उठान नहीं किया। करीब चार घंटे तक कर्मचारी नगर परिषद कार्यालय में धरने पर बैठे रहे और एजेंसी के प्रतिनिधि की ओर से लिखित में वेतन संबंधी समस्याओं के समाधान का आश्वासन मिलने पर ही कर्मचारियों ने हड़ताल व धरना खत्म किया। दोपहर बाद शहर से कचरे का उठान हो पाया और इसके चलते आमजन को दिक्कतें झेलनी पड़ी।
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बता दें कि गत अगस्त से शहर में 20 हजार घरों से डोर-टू-डोर और पंद्रह अस्थायी डंपिंग प्वाइंट्स से कचरे का उठान एजेंसी के कर्मचारी करते हैं। एजेंसी ने ऑटो टिपर चलाने व डंपिंग प्वाइंट से ट्रैक्टर-ट्रॉली में कचरे का उठान करने के लिए 46 कर्मचारी रखे हुए हैं। सुबह करीब सात से दोपहर दो बजे तक एजेंसी के कर्मचारी शहर से कचरा उठान का कार्य करते हैं।
इन कर्मचारियों ने मंगलवार को समय पर वेतन न मिलने से एजेंसी के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया। एमआरएफ सेंटर से ऑटो टिपर लाकर कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय में खड़े कर दिए और सुबह 9 बजे दरी बिछाकर गेट के समीप ही धरने पर बैठ गए। इन कर्मचारियों ने वेतन मिलने तक कचरा उठान न करने की घोषणा की। हालांकि बाद में एजेंसी प्रतिनिधि मौके पर पहुंच गए और उन्होंने कर्मचारियों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन वो अपनी मांग पर अडिग रहे। इसके बाद एजेंसी प्रतिनिधि की ओर से लिखित में आश्वासन दिया गया और इसके बाद ही कर्मचारियों ने धरना खत्म किया। हड़ताल समाप्त कर कर्मचारी अपने वाहन लेकर नगर परिषद कार्यालय से निकले और डोर-टू-डोर कचरा उठान का कार्य शुरू किया।
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उपप्रधान और ये पार्षद पहुंचे समर्थन देने
सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए नगर परिषद के उपप्रधान संदीप फौगाट भी धरना स्थल पर पहुंचे। उनके अलावा पार्षद जयसिंह लांबा, सतबीर चौहान, नवीन प्रजापत, सुधीर स्वामी, अजय सांगवान, कुलदीप सैनी, पार्षद प्रतिनिधि विरेंद्र चरखी, नरेंद्र दहिया व जीतू धरना स्थल पर पहुंचे। इन पार्षदों ने सफाई कर्मचारियों की मांगों को जायज बताया और एजेंसी पर उनके हितों पर कुठाराघात करने का आरोप लगाया। पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान भी कर्मचारियों से बातचीत करने धरना स्थल पर पहुंचे।


एजेंसी की ओर से लिखित में ये दिया गया आश्वासन
एजेंसी प्रतिनिधि के समक्ष कर्मचारियों ने प्रमुख दो मांगें रखीं। इनमें पहली मांग एक से 10 तारीख के बीच वेतन देने की रही जबकि दूसरी मांग सभी कर्मचारियों का बकाया वेतन देने संबंधी रही। एजेंसी प्रतिनिधि ने एक सप्ताह के अंदर सभी कर्मचारियों को बकाया वेतन और फिर हर माह एक से 10 तारीख के बीच वेतन देने का लिखित आश्वासन दिया। वहीं, पार्षदों व एजेंसी प्रतिनिधि के बीच कहासुनी भी हुई।


कचरा उठान का कार्य एजेंसी के कर्मचारी सुबह करते हैं
दरअसल, शहर में बनाए गए अस्थायी डंपिंग प्वाइंट्स से कचरे का उठान एजेंसी के कर्मचारी सुबह करते हैं। रात के समय लोग कचरा लाकर डंपिंग प्वाइंट्स पर डाल देते हैं। मंगलवार सुबह गीला कचरा डंपिंग प्वाइंट्स पर पड़ा सड़ता रहा और दोपहर बाद उठान होने पर ही लोगों को राहत मिली। ये ही स्थिति घरों में रखे डस्टबिन की भी रही।




कर्मचारियों काे जल्द मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया। इसके बाद उन्होंने हड़ताल खत्म कर डोर-टू-डोर और डंपिंग प्वाइंट्स से कचरे का उठान किया। सुबह के समय शहर से कचरा नहीं उठ पाया।
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अमित कुमार, एजेंसी प्रतिनिधि
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