बाढड़ा। हरियाणा सरकार की ओर से गुरुग्राम और नूंह जिलों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था निजी कंपनियों को सौंपने की प्रक्रिया के विरोध में बिजली कर्मचारियों और किसान संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को बिजली कर्मचारियों ने बाढड़ा के जुई रोड स्थित उपमंडल बिजली कार्यालय परिसर में बैठक कर सरकार के फैसले के खिलाफ रोष जताया।
कर्मचारियों ने निजी कंपनियों को लाइसेंस देने के फैसले की प्रतियां फूंककर विरोध प्रदर्शन किया और आगामी तीन दिवसीय हड़ताल को सफल बनाने के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता एएचपीसी वर्कर यूनियन के प्रतिनिधि सुभाष, एमएसईबी के प्रवीण व अनुबंधित कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि सुदर्शन पाल ने की। बैठक का संचालन यूनियन के कैशियर प्रविंद्र भांडवा ने किया।
एचएसईबी वर्कर यूनियन के पूर्व राज्य वित्त सचिव राजकुमार सांगवान ने कहा कि हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) की ओर से गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनियों को लाइसेंस देने के फैसले का कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिजली क्षेत्र में निजीकरण से कर्मचारियों के हित प्रभावित होने के साथ सार्वजनिक बिजली व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।
राजकुमार सांगवान ने कहा कि बिजली कर्मचारी अपने अधिकारों और सार्वजनिक बिजली व्यवस्था को बचाने के लिए एकजुट हैं। उन्होंने कर्मचारियों से आगामी तीन दिवसीय हड़ताल में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। प्रदर्शन में भाकियू के महासचिव राधेश्याम उमरवास, पूर्व सरपंच राम अवतार लाड, पूर्व सरपंच गिरधारी मोद, उमेश, राजेश जेई, रमेश एफएएम, राजेश, सूरजभान, विजेंद्र, विनोद आदि मौजूद रहे।