चरखी दादरी। जिले में बिजली चोरी करने वालों पर निगम की टीमों ने कार्रवाई शुरू कर दी है। दो दिनों के अंदर बिजली चोरी के 156 मामले पकड़े गए और 61 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। खास बात यह है कि घरों के अलावा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी धड़ल्ले से बिजली चोरी की जा रही है। इसकी बानगी भी दो दिन की कार्रवाई में देखने को मिली है। बिजली निगम की टीमों ने आरओ प्लांट के अलावा मुर्गी फार्म और होटल-ढाबों पर बिजली चोरी के मामले पकड़कर लोड के मुताबिक जुर्माना लगाया है। बिजली निगम की चेतावनी है कि आगे भी निरंतर अभियान जारी रहेगा और बिजली चोरी की जुर्माना राशि जो भी जमा नहीं करवाएगा, उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
दादरी में मई के बाद बिजली लोड काफी बढ़ा है। करीब दस दिन पहले तक बिजली लोड 840 एंपीयर था, जो सामान्य से काफी अधिक था। इस स्थिति में हब ट्रांसफार्मर जलने का खतरा था। इसे देखते हुए निगम ने शहर की छह कॉलोनियों को घसोला फीडर से जोड़ना पड़ा और इसके चलते लोड कुछ कम हुआ। इसके बाद निगम ने बिजली चोरी पर फोकस किया और एक्सईएन के निर्देशों पर टीमों ने ग्राउंड पर उतरकर बिजली चोरी के दो दिनों में ही 156 मामले पकड़े।
एक्सईएन के अनुसार बिजली चोरी के 63 मामले दादरी में और 93 मामले गांवों में पकड़े गए हैं। इन 156 कुंडीमारों पर 61 लाख से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। इस छापामारी के दौरान निगम टीम ने घरों के साथ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी फोकस किया और इसमें उन्हें कामयाबी भी हाथ लगी। निगम अधिकारी ने बताया कि दो दिनों के अंदर तीन आरओ प्लांट, एक मुर्गी फार्म और कुछ ढाबों पर बिजली चोरी के केस पकड़ में आए हैं। वहीं, एक्सईएन का कहना है कि टीमें निरंतर बिजली चोरों पर कार्रवाई करेंगी। बिजली चोरी पकड़ने के लिए स्पेशल टीमें गठित की गई हैं जो लगातार कुंडीमारों की जानकारी जुटाकर चेकिंग अभियान चला रही हैं।
38 फीसदी है जिले का लाइन लॉस
दादरी जिले का लाइन लोस इस समय 38 फीसदी है। लाइन लॉस काफी अधिक है और पिछले कुछ माह में लाइन लोस में ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। शहर में प्रतिदिन करीब साढ़े तीन लाख यूनिट बिजली की खपत है और इस लिहाज से एक माह में एक करोड़ यूनिट से अधिक बिजली की खपत दादरी शहर में होती है।
ज्यादातर कर रहे थे तार डालकर चोरी
छापामारी के दौरान ज्यादातर जगहों पर लोग सीधे तार डालकर बिजली चोरी करते पाए गए। वहां पहुंची निगम टीमों ने इसकी बाकयदा वीडियोग्राफी भी की और फिर उन प्रतिष्ठानों में रखे बिजली उपकरणों के हिसाब से लोड तय कर जुर्माना ठोका। कुछ प्रतिष्ठान तो ऐसे मिले जहां मीटर लगे होने के बावजूद सीधे कुंडी मारकर बिजली बरती जा रही थी।
शहर में चार तो गांवों में छापामारी के लिए छह टीमें गठित
बिजली चोरी रोककर लाइन लोस नीचे लाने के लिए निगम ने दस स्पेशल टीमें गठित की हुई हैं। इनमें से चार टीमें शहर में और छह गांवों में छापामारी कर रही हैं। ये टीमें चार से पांच सदस्यीय हैं। टीमें छापामारी से पहले अपने स्तर पर बिजली चोरों का डाटा भी जुटाती हैं और उसके बाद वहां दबिश वास्तविक स्थिति की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाती हैं।
दो दिनों के अंदर हमारी टीमों ने बिजली चोरी के 156 मामले पकड़े हैं। उन पर 61 लाख से अधिक जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। लोगों से अपील है कि बिजली चोरी न करें और जो बिजली खर्च करते हैं उनका ईमानदारी से बिल भरें। बिजली चोरों पर हम विशेष नजर रख रहे हैं।
सचिन यादव, एक्सईएन, बिजली निगम