चरखी दादरी। बारिश होने के दो दिन बाद भी शहर के कई हिस्सों और गांवों में जलभराव के स्थिति बनी हुई है। इस स्थिति से निपटने के लिए सिंचाई विभाग की मांग पर बिजली निगम ने 90 कनेक्शन जारी किए हैं। इसके साथ ही सिंचाई विभाग ने जलभराव के समस्या को दूर करने के लिए विभिन्न स्थानों पर 20 क्यूसेक क्षमता वाले 66 विटी पंप लगाए हैं। इसी प्रकार 132 मोबाइल इलेक्ट्रिक पंप भी लगाए गए हैं। इनके जरिये पानी का उठान कर ड्रेनों में डाला जाएगा।
जिले में सोमवार और मंगलवार को 91 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके बाद से शहर के कई हिस्सों और कई गांवों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। सिंचाई विभाग जलभराव की स्थिति से निपटने की पुख्ता तैयारियां का दावा कर रहा है, लेकिन दूसरी ओर निकासी के प्रबंध होने के बाद भी हालात खराब हो जाते हैं। खासकर निचले भागों में जलभराव हुआ। शहर से तीन किलोमीटर दूर स्थित गांव चरखी में चव्वा की समस्या बनी है। इसके चलते जमीनी पानी का स्तर ऊपर तक आ जाता है। जिससे पानी निकासी करना भी मुश्किल हो जाता है। अब सिंचाई विभाग की मांग पर बिजली निगम ने 90 बिजली कनेक्शन जारी किए हैं, ताकि जिन भागों में पंप व मोटरें लगी हुई हैं वहां बिजली की किल्लत न गहराए। इसके साथ ही सिंचाई विभाग ने जलभराव के समस्या को दूर करने के लिए विभिन्न स्थानों पर 20 क्यूसेक क्षमता वाले 66 विटी पंप लगाए हैं। इसी प्रकार 132 मोबाइल इलेक्ट्रिक पंप भी लगाए गए हैं।
एक हजार एकड़ से अधिक भूमि में होता है जलभराव
जिले के विभिन्न भागों में जलभराव से करीब एक हजार एकड़ क्षेत्र प्रभावित होता है। इस क्षेत्र में रोहतक रोड स्थित बौंद कलां, जयश्री, रावलधी, मालकोष व नीमड़ी गांव प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसी प्रकार दिल्ली रोड पर गांव भागवी, सरूपगढ़, सातौर, कंहेटी आदि गांवों में जलभराव होने पर काफी नुकसान होता रहा है। इसी प्रकार भिवानी रोड पर गांव चरखी, लोहारू रोड पर बिरही कलां, पांडवान, खेड़ी बत्तर, खेड़ी बूरा आदि गांवों में जलभराव होता है।
आठ गांवों के जोहड़ों से पानी का उठान शुरू, जेई के नेतृत्व में टीमें गठित
विभाग ने आठ से अधिक गांवों में जोहड़ों पर मोटर एवं पंप लगा दिए हैं। गांव इमलोटा में विटी पंप लगाए गए हैं। इस गांव में जलभराव की समस्या ज्यादा है। विभाग ने बौंद कलां, बिरही कलां, मालकोष, जयश्री व रावलधी में मोटर पंप लगा दिए हैं। एरिया वाइज विभाग ने जेई के नेतृत्व में टीमें बना दी हैं। यह टीमें लगातार साइटों पर निगरानी रखेंगी।
एनडीआरएफ की टीम ले चुकी दादरी का जायजा
मानसून सीजन को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम भी दादरी क्षेत्र का जायजा लेने पहुंची थी, ताकि जरूरत पड़ने पर राहत कार्यों के लिए सैन्य सहायता उपलब्ध करवाई जा सके। इसके लिए हिसार से मेजर आशुतोष टीम समेत दादरी आए थे और उन्होंने जलभराव संभावित क्षेत्रों का स्वयं निरीक्षण करने के बाद प्रशासन से व्यवस्थाओं का जायजा लिया था।
बिजली के कनेक्शन जारी हो गए हैं। पानी निकासी के लिए सभी साइटों पर पंप व मोटर हमने लगा रखे हैं। टीमों के गठन के साथ कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दे दिए गए हैं। क्षेत्र में जलभराव की स्थिति नहीं होने दी जाएगी।
वेदपाल सिंह, एक्सईएन, सिंचाई विभाग