चरखी दादरी। जिले में पिछले करीब एक माह से बारिश नहीं होने से तापमान में बढ़ोतरी हुई है। इससे बिजली खपत एक बार फिर बढ़ने लगी है। जुलाई माह की बात करें तो बिजली की खपत 942 लाख यूनिट रही। वहीं, अगस्त की अगर बात करें तो मासिक खपत 1000 लाख यूनिट तक पहुंचने का अंदेशा है। बिजली खपत बढ़ने से निगम अधिकारियों को मजबूरीवश पावर कट लगाने पड़ रहे हैं।
अप्रैल से लेकर अगस्त तक की बात करें तो बिजली की मासिक खपत अप्रैल में सबसे कम 785.07 लाख यूनिट खपत रही। वहीं, गत वर्ष में जिला की बिजली खपत 1018.52 लाख यूनिट तक पहुंच गई थी और इस बार भी खपत एक हजार लाख यूनिट से पार पहुंचने के कयास लगाए जा रहे है।
वहीं, पावर सब स्टेशन पर लोड बढ़ जाने की वजह से निगम को बीच-बीच में बिजली आपूर्ति बाधित करनी पड़ती है। इस समय प्रदेश में कई पावर प्लांटों में उत्पादन बंद भी है। राज्य सरकार ने हाल ही में केरल से बिजली खरीदने के लिए समझौता किया है। बता दें कि गर्मी सीजन में बिजली व पानी की ही ज्यादा जरूरत एवं खपत होती है। खासकर सुबह-शाम के समय बिजली पर पेयजल आपूर्ति भी निर्भर करती है। गांवों में बिजली ट्यूबवेल के जरिये पेयजल की आपूर्ति की जाती है। ऐसे में कई बार बिजली के कट सारी व्यवस्था बिगाड़ रहे हैं।
- फरवरी और मार्च में कम रहती है खपत
वैसे बिजली की खपत फरवरी व मार्च में सबसे कम होती है। दिसंबर व जनवरी, मई, जून, जुलाई व अगस्त माह में खपत ज्यादा होती है। अभी गर्मी सीजन जारी है। बिजली की खपत के साथ निगम सुधार एवं विस्तार पर भी फोकस कर रहा है।
- बिजली व्यवस्था में सुधार के ये हुए प्रयास
जिले में बिजली क्षमता बढ़ाने के लिए कई गांवों में पावर सब स्टेशन निर्माण के लिए कागजी प्रक्रिया चल रही है। गांव मोरवाला, मकड़ाना, मकड़ानी व घसोला पावर सब स्टेशनों की क्षमता भी बढ़ाई गई है ताकि लोड कम हो सके। गांव रानीला, गोठड़ा में नए पावर सब स्टेशन बनने हैं।
जानिये...मार्च से जुलाई तक क्या रहा बिजली खपत का आंकड़ा
महीना यूनिट लाखों में
मार्च - 913.40
अप्रैल - 779.14
मई -780.10
जून - 860.41
जुलाई - 947.71
दादरी शहर में ये रही पिछले कुछ माह में बिजली खपत
दादरी शहर की बात करें तो बिजली की खपत अप्रैल में 65 लाख यूनिट थी। इसी प्रकार मई माह में 87 लाख यूनिट, जून में 102.05 लाख यूनिट, जुलाई माह में 109.74 लाख यूनिट की खपत हुई थी। फरवरी माह में 54 लाख व मार्च माह में 53.10 लाख यूनिट खपत हुई थी।
खपत बढ़ने पर ये पड़ रहा असर
खपत बढ़ने पर पावर सब स्टेशन में लगे मेन पावर ट्रांसफार्मर पर लोड बढ़ना शुरू हो जाता है। फ्रिक्वेंसी डाउन होने लगती है ऐसे में बीच- बीच में आपूर्ति को बंद करनी पड़ती है ताकि मेन ट्रांसफार्मर पर लोड बढ़ने पर जलने न जाए।
जिले की बिजली क्षमता बढ़ाने पर काम चल रहा है। शहर में भी नया पावर सब स्टेशन निर्माण प्लानिंग में है। निगम के पास बिजली की कमी नहीं है। जुलाई और अगस्त में खपत ज्यादा बढ़ी है।
-सुदीप, एसडीओ, बिजली निगम