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Charkhi Dadri News: मानसून सीजन में मुफ्त बिजली से पानी की निकासी नहीं कर सकेंगे सिंचाई और जनस्वास्थ्य विभाग

Thu, 12 Jun 2025 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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शहर के घिकाड़ा मोड़ पर पानी निकासी के लिए रखी गई मोटर। संवाद
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शहर के घिकाड़ा मोड़ पर पानी की निकासी के लिए रखी गई मोटर। संवाद
- बिजली निगम स्पेशल मीटर लगाने के साथ वसूलेगा बिल, मानसून सीजन के मद्देनजर 200 जगहों पर लिए जाएंगे कनेक्शन, 152 हो चुके जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी/बौंदकलां/झोझूकलां। मानसून सीजन में बारिश के पानी की निकासी के नाम पर सिंचाई व जनस्वास्थ्य विभाग बिजली की फ्री सेवा नहीं ले सकेंगे। इन विभागों को पंप सेट और मोटरें चलाने के लिए बिजली निगम से कनेक्शन लेना होगा। यह प्रक्रिया पूरी न करना बिजली चोरी की श्रेणी में आएगा। हालांकि, निगम के अधिकारियों का दावा है कि मानसून के मद्देनजर विशेष कनेक्शन जारी करने में समय नहीं लगेगा।
जिले में हर साल मानसून सीजन के मद्देनजर करीब 200 अस्थायी बिजली कनेक्शन जारी होते हैं। इस बार इसके तहत बिजली निगम स्पेशल मीटर लगाएगा और बिल भी वसूलेगा। अब तक 152 कनेक्शन के लिए आवेदन आ चुके हैं। शहर व गांवों में जलभराव की समस्या को देखते हुए जनस्वास्थ्य व सिंचाई विभाग भी सतर्क हो गए हैं। जून अंतिम या जुलाई प्रथम सप्ताह से संभावित मानसून को देखते हुए आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। ताकि, जलभराव होने पर पानी की निकासी तुरंत हो सके।
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जिले के नहरी क्षेत्रों में जलभराव की ज्यादा दिक्कत बनी रहती है। शहर ही नहीं, जिले के कई गांव भी ऐसे हैं, जिनके नजदीक से मुख्य नहरें गुजरती हैं। इससे कई बार शहर में भी बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। कई बार ज्यादा पानी आने से नहरें ओवरफ्लो भी हो जाती हैं। सिंचाई व जनस्वास्थ्य विभाग जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने का दावा जता रहा है। फिर भी कुछ क्षेत्र ऐसे हैं, जहां पानी की निकासी के प्रबंध होने के बाद भी हालात खराब हो जाते हैं। खासकर निचले भागों में जलभराव ज्यादा बनता है।

- इन गांवों में रहती है जलभराव की समस्या
शहर से तीन किलोमीटर दूर स्थित गांव चरखी में तीन दिशाओं से नहरें गुजरती हैं। ऐसे में इस गांव के चारों ओर पानी भर जाता है। चव्वा यानी भूमिगत जलस्तर ऊपर आ जाने की समस्या बन जाती है। इससे पानी निकासी करना भी मुश्किल हो जाता है। इसी प्रकार, दिल्ली रोड पर गांव इमलोटा के अलावा, अचीना, पांडवान, बिरहीकलां, छपार, सरूपगढ़, समसपुर, जयश्री, मिसरी, बौंदकलां, सांतौर, भागवी, साहुवास, फतेहगढ़ व रासीवास गांवों में भी जलभराव होता है।
- सिंचाई विभाग ने शुरू किए प्रबंध
सिंचाई विभाग ने पानी की निकासी के लिए प्रबंध शुरू कर रखे हैं। कई बार बारिश की झड़ी में बिजली लाइनों में फॉल्ट आने पर पंप व मोटर पानी की उठान नहीं कर पाते हैं। इससे पानी की निकासी नहीं हो पाती है। जलभराव से फसलें भी खराब हो जाती हैं।

- कनेक्शन लेने के बाद 24 घंटे मिलेगी बिजली
जिन भागों में पंप व मोटरें लगाई जा रही हैं, वहां बिजली की किल्लत नहीं होगी और पानी की निकासी लगातार होती रहेगी। इसके लिए बिजली कनेक्शन लेना जरूरी है। इन क्षेत्रों में बिजली निगम साथ लगती बिजली की लाइनों से कनेक्शन जारी करता है। इन लाइनों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की भी व्यवस्था की जाती है, ताकि, बिजली से पंप नियमित रूप से चलते रहें। थ्री फेस बिजली दी जाती है। सभी साइटों का सर्वे किया जा चुका है।


- बारिश के सीजन में तीन माह तक नहरों में चलता है पानी
बारिश के सीजन में जिले की नहरों में भी तीन माह तक पानी लगातार चलता है। पीछे हेड से बारिश के पानी का दबाव बनने से सभी नहरों में पानी छोड़ना पड़ता है। ताकि, यमुना व अन्य प्रमुख नदियोंं में उफान न आए और पानी का वितरण होता रहे।
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वर्सन
बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन मिलने पर तत्काल प्रभाव से जारी किए जाएंगे। निगम के नियमानुसार बिजली शुल्क लिया जाएगा। कनेक्शन जारी करने में ढील नहीं बरती जाएगी।

-राकेश कुमार, एसडीओ, बिजली निगम
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