संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। बिजली चालित ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए अब बिजली के केबल की गुणवत्ता की जांच होगी। करीब 50 गांवों में 35 किलोमीटर लंबा केबल लगाया जाना है। वहीं, कनेक्शन के लिए 20 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर उपलब्ध नहीं होने की वजह से किसानों को कनेक्शन जारी करने में दिक्कत आ रही है। बिजली निगम को हिसार, नारनौल व हांसी से ट्रांसफार्मर मंगवाने पड़ रहे हैं।
ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए 16, 20 व 25 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर लगने हैं। बिजली निगम की योजना है कि जैसे-तैसे खरीफ सीजन की फसलों की बिजाई से पहले किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन जारी कर दिए जाएं। जिले में 471 किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन का छह साल से इंतजार है जबकि निगम ने अब तक 150 ट्रांसफार्मर ही लगाए हैं जबकि 459 लगने हैं।
दरअसल, बिजली निगम इस काम को 30 जून तक पूरा करने की योजना पर काम कर रहा है। रेतीले क्षेत्र में किसान बिजलीचालित टयूबवेल से ही फसलों की सिंचाई करते हैं। रेतीले भागों में भूमिगत जलस्तर काफी नीचे तक है। ऐसे में मोटर के जरिए पानी की उठान करनी पड़ती है।
जिले में 55 प्रतिशत कृषि क्षेत्र रेतीला है। यहां सिंचाई का साधन जमीनी पानी ही है। हालांकि, नहरें भी गुजरती हैं, जिनसे सिंचाई पूरी तरह से संभव नहीं है। रेत के टिब्बे होने की वजह से नहरी पानी से सिंचाई करना मुश्किल होता है।
नहरी पानी की उपलब्धता कम, योजनबद्ध तरीके से हो रहा काम : नहरी पानी की उपलब्धता वैसे ही कम है। अब इस क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए बिजली निगम योजनाबद्ध तरीके से काम करने जा रहा है। इसके तहत जिलाभर में 471 कनेक्शन लगाए जाएंगे, जिनसे किसान खेतों में सिंचाई कर सकेंगे।