झोझूकलां। सिक्किम में शुक्रवार को गहरी खाई में वाहन गिरने से 16 सैनिकों की जान चली गई। इन जवानों में दादरी जिले के झोझूकलां निवासी हवलदार अरविंद भी शामिल थे। शुक्रवार देर रात परिजनों को सैन्य अधिकारियों से हादसे की सूचना मिली। परिजनों के अनुसार अरविंद दस दिन पहले छुट्टी बिताकर ड्यूटी पर लौटे थे जबकि जनवरी में वो सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले थे। उससे पहले ही उनकी इस हादसे में जान चली गई।
बता दें कि झोझूकलां निवासी अरविंद करीब 15 साल पहले सेना में भर्ती हुए थे। उनकी मौजूदा पोस्टिंग सिक्किम में थी। शुक्रवार रात ही हादसे में उनकी जान जाने की खबर पता चलने के बाद झोझूकलां में शोक की लहर दौड़ गई। उनके पिता राजेंद्र सांगवान ने बताया कि अरविंद राजपूत राइफल्स में तैनात था। उन्होंने बताया कि उनकी पुत्रवधु पिंकी हरियाणा पुलिस में हवलदार है और उसकी पोस्टिंग दादरी महिला थाने में है और वो गर्भवती है। अरविंद के एक आठ साल का बेटा भी है।
परिजनों के अनुसार उन्हें सूचना मिली है कि शनिवार रात तक अरविंद की पार्थिव शरीर दिल्ली स्थित राजपूताना राइफल सेंटर पहुंचेगी और रविवार दोपहर तक गांव में पहुंचने की उम्मीद है। उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव झोझूकलां में किया जाएगा। वहीं, पिता राजेंद्र कुमार का कहना है कि उन्हें बेटे के जाने का गम जरूर है, लेकिन इस बात की खुशी भी है कि उनके लाल ने देशसेवा करते हुए अपने प्राण की आहुति दी।
- फोन पर पिता को मिली बेटे के न रहने की सूचना
राजेंद्र सांगवान ने बताया कि सेना का वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना तो उन्हें शुक्रवार दोपहर को मिल गई थी, लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि उस वाहन में उनका बेटा भी सवार है। उन्होंने बताया कि देर रात उन्हें सैन्य अधिकारियों ने बताया कि उत्तर सिक्क्मि में चटन से थिंगू की ओर जाते वक्त सेना का वाहन गहरी खाई में गिरा और इस हादसे में 16 जवानों की जान चली गई।
- सांत्वना देने वालों का लगा रहा तांता
शनिवार सुबह से ही जाबांज अरविंद के घर सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा। झोझूकलां के अलावा आस-पास के गांवों के लोग भी उनके घर पहुंचे और पिता व अन्य परिजनों की हिम्मत बढ़ाते नजर आए। वहीं, सोशल मीडिया पर भी दिनभर अरविंद को लोग श्रद्धांजलि देते रहे।
- पिता बोले : 8 साल के पोते को भी भेजूंगा सेना में
हवलदार अरविंद के पिता राजेंद्र सांगवान की आंखों में बेटे को खोने का गम साफ नजर आया। हालांकि इसके बावजूद उनका कहना है कि वो अरविंद के बेटे और अपने 8 वर्षीय पोते को भी देश सेवा करने के लिए सेना में भेजेंगे। उनका कहना है कि अरविंद ने हादसे में जान गंवाई है, लेकिन परिवार के लिए ये शहादत से कम नहीं है।