फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीपीपी में जन्म तिथि सत्यापन से चिंता में बुजुर्ग : कर्नल सिंह

Sun, 28 Jun 2026 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
विज्ञापन
विज्ञापन
चरखी दादरी। पूर्व विधायक कर्नल रघबीर सिंह छिल्लर ने कहा कि परिवार पहचान-पत्र (पीपीपी) में जन्म तिथि के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद प्रदेश के हजारों बुजुर्गों में चिंता और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
विज्ञापन

वरिष्ठ नागरिकों को आशंका है कि यदि जन्म तिथि में किसी प्रकार की त्रुटि पाई गई या रिकॉर्ड मेल नहीं खाए, तो उनकी वृद्धावस्था सम्मान भत्ता (पेंशन) बंद हो सकती है। पूर्व विधायक ने कहा कि राज्य सरकार बुजुर्गों के सम्मान के साथ खिलवाड़ कर रही है। ऐसे गैरवाजिब सत्यापन को तुरंत रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गांवों और कस्बों में बड़ी संख्या में बुजुर्ग अपने दस्तावेजों की जांच करवाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर और सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।
कई बुजुर्गों के पुराने दस्तावेजों में अलग-अलग जन्म तिथि दर्ज है जबकि दशकों पहले बने रिकॉर्ड में हुई गलती की सजा अब उन्हें मिल रही है। सरकार ने सत्यापन अभियान तो शुरू कर दिया जबकि पहले लोगों की समस्याओं का समाधान करने की व्यवस्था मजबूत नहीं की। ऐसे में 60 वर्ष के बुजुर्गों को कार्यालयों के चक्कर लगवाना संवेदनहीनता है।
विज्ञापन

इससे बुजुर्ग मानसिक तनाव में हैं और उन्हें हर समय यही डर सता रहा है कि कहीं उनकी पेंशन बंद न हो जाए। पूर्व विधायक कर्नल छिल्लर ने कहा कि बुजुर्गों के लिए वृद्धावस्था पेंशन केवल सरकारी सहायता नहीं, बल्कि दवा, इलाज और रोजमर्रा के खर्च का मुख्य सहारा है।
विज्ञापन

ऐसे में यदि सत्यापन की प्रक्रिया लंबी चली या तकनीकी कारणों से भुगतान रुका, तो आर्थिक संकट और बढ़ सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें