चरखी दादरी। जनस्वास्थ्य विभाग शहर के दोनों एसटीपी (सीवरेज उपचारित संयंत्र) को अपग्रेड करेगा। दो चरणों में एसटीपी परियोजना को सिरे चढ़ाया जाएगा और इस पर 19 करोड़ रुपये की लागत आएगी। विभाग ने रामनगर एसटीपी को अपग्रेड करने की कवायद शुरू कर दी है जबकि समसपुर एसटीपी परिसर में सफाई शुरू करवा दी है। अगले 20 दिन में यहां भी काम शुरू होने की उम्मीद है।
दिसंबर के अंत तक परियोजना पर काम पूरा होने की उम्मीद है और इसके बाद करीब एक लाख की शहरी आबादी को सीवर समस्याओं से निजात मिलेगी। बता दें कि शहर में डाली गईं सीवर लाइनों से पानी का उठान करने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने समसपुर और रामनगर में दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बना रखे हैं। ये दोनों एसटीपी काफी पुराने हो चुके हैं और आबादी के लिहाज से इनकी क्षमता भी कम है। इसके मद्देनजर सीवर लाइनों से लगातार पानी का उठान नहीं हो पाता और शहर के सीवर मैनहोल बैक मार जाते हैं। प्रतिदिन किसी न किसी वार्ड में सीवर लाइनों की गंदगी गली या सड़क पर आई रहती है।
जनस्वास्थ्य विभाग ने सीवर व्यवस्था में सुधार कर लोगों को समस्याओं से राहत दिलाने के लिए दोनों एसटीपी को उन्नत करने की योजना करीब छह माह पहले तैयार की थी। योजना के अनुसार रामनगर एसटीपी भवन के पुनर्निर्माण व मोटरों एवं पंप सेट को अपग्रेड करने पर करीब 9 करोड़ का बजट खर्च होना है। इसी तरह समसपुर एसटीपी भवन निर्माण और आधुनिक मशीनें व मोटरें लगाने पर करीब 10 करोड़ की लागत आएगी। रामनगर के बाद समसपुर एसटीपी पर काम भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
आरसीसी टैंक भी बनेंगे नए
जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो दोनों एसटीपी में जो आरसीसी टैंक बने हैं उनका भी पुनर्निर्माण करवाया जाएगा। ये आरसीसी टैंक काफी पुराने हैं और इसके चलते इनका भी दोबारा निर्माण करवाने की दरकार है। आरसीसी टैंक नए बनने से पानी को उपचारित करने की विधि और बेहतर हो जाएगी।
समसपुर एसटीपी से 60 तो रामनगर एसटीपी से जुड़ा 40 फीसदी शहर
बता दें कि शहर की सीवर व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए दो एसटीपी बने हुए हैं। इनमें से समसपुर एसटीपी मुख्य है और इस सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से करीब 60 फीसदी शहर जुड़ा हुआ है। इसी प्रकार रामनगर एसटीपी से करीब 40 फीसदी शहर जुड़ा है। इन क्षेत्रों की सीवर लाइनों का पानी एसटीपी पर पहुंचने में काफी रुकावटें थीं जो अब दूर हो जाएंगी।
एक लाख की आबादी को होगा फायदा
पूरा दादरी शहर दोनों एसटीपी पर निर्भर है। समसपुर एसटीपी की व्यवस्था पर 60 हजार लोग और रामनगर एसटीपी की सीवर संबंधी व्यवस्थाओं से 40 हजार लोग प्रभावित होते हैं। ऐसे में दिसंबर तक दोनों एसटीपी का काम पूरा होने से एक लाख की आबादी को सीवर समस्या का दंश नहीं झेलना पड़ेगा।
भंडारण टैंक से नहीं हाेगी छेड़छाड़
दोनों एसटीपी पर पानी के अस्थायी भंडारण के लिए टैंक भी बने हुए हैं। हालांकि समसपुर एसटीपी की जमीन का एनएच-152 डी निर्माण के दौरान अधिग्रहण होने से भंडारण टैंक का आकार छोटा पड़ गया था। इस टैंक का आकार बढ़ाने की भी दरकार है। हालांकि टैंक की भंडारण क्षमता बढ़ाना मौजूदा परियोजना का हिस्सा नहीं है।
दोनों एसटीपी भवन का पुनर्निर्माण होना है जबकि यहां आधुनिक मशीनें भी लगनी हैं। इस परियोजना पर करीब 19 करोड़ रुपये की लागत आएगी। रामनगर एसटीपी पर काम शुरू करवा दिया गया है जबकि 20 दिन के अंदर समसपुर एसटीपी पर भी काम शुरू होने की उम्मीद है। बृजेश जावला, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग, चरखी दादरी।