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Charkhi Dadri News: नागरिक अस्पताल में दो सप्ताह में बहाल होगी ई-उपचार की व्यवस्था

Sun, 26 Oct 2025 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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संवाद न्यूज एजेंसी
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चरखी दादरी। दादरी के नागरिक अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों को पर्ची बनवाने के लिए आपातकालीन वार्ड में नहीं जाना पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से ई-उपचार व्यवस्था को बहाल करने के लिए 56 बैटरियां खरीदी जाएंगी। इसके लिए विभाग ने आदेश दे दिए हैं और अगले दो सप्ताह में ई-उपचार व्यवस्था बहाल होने का दावा किया है।
ई-उपचार व्यवस्था के दोबारा शुरू होने से विभिन्न प्रकार की टेस्ट व एक्स-रे रिपोर्ट आदि के लिए भी चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यह व्यवस्था बहाल होने से हर महीने 15 हजार से अधिक मरीजों को राहत मिलेगी। दादरी के नागरिक अस्पताल में कुछ वर्ष पहले ई-उपचार व्यवस्था लागू की गई थी। ई-उपचार व्यवस्था के तहत अस्पताल में आने वाले मरीजों की पर्ची बनते समय ही यूनिक हेल्थ आईडी यूएचआईडी भी बन जाती है। इसके बाद यदि चिकित्सक की ओर से मरीज के उपचार के लिए रक्त सहित अन्य प्रकार की जांच या एक्स-रे आदि करवाने के लिए लिखा जाता है तो मरीज को नमूना देने के बाद रिपोर्ट के लिए दोबारा लैब या एक्स-रे कक्ष में नहीं जाना पड़ता है।
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कर्मचारियों द्वारा यूनिक हेल्थ आईडी के अनुसार ही रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड कर दी जाती है। संबंधित चिकित्सक कंप्यूटर पर क्लिक कर उस रिपोर्ट को देखकर मरीज को परामर्श दे देते हैं। इस व्यवस्था के तहत मरीज को रिपोर्ट लाने के लिए बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ते हैं। यदि वह दोबारा चिकित्सक से परामर्श लेने जाता है तो भी पुरानी यूनिक हेल्थ आईडी से उसके उपचार का पूरा ब्योरा मिल जाता है। दादरी के नागरिक अस्पताल में बैटरियों की कमी के कारण पिछले करीब छह महीने से ई-उपचार व्यवस्था बंद पड़ी है। इससे मरीजों के साथ-साथ चिकित्सकों व कर्मचारियों को भी परेशान होना पड़ता है।
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आपातकालीन वार्ड में रहती है भीड़ : ई-उपचार व्यवस्था बंद होने के कारण पिछले काफी समय से सभी मरीजों को ओपीडी ब्लॉक के बजाय आपातकालीन वार्ड में बनी खिड़की पर ही ओपीडी पर्ची बनवानी पड़ती है। इससे आपातकालीन वार्ड में भीड़ का माहौल बना रहता है। सुबह से दोपहर तक भीड़-भाड़ के चलते आपात स्थिति वाले मरीजों को भी पर्ची बनवाने में समय लगता है। जानकारी के अभाव में कई मरीज पहले पर्ची बनवाने ओपीडी ब्लॉक में पहुंच जाते हैं। इससे उन्हें ओपीडी ब्लॉक से आपातकालीन वार्ड और वहां पर्ची बनवाने के बाद दोबारा ओपीडी ब्लॉक में आना पड़ता है।
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