शहरी स्थानीय निकाय विभाग के प्रधान सचिव आनंद मोहन शरण द्वारा दिए गए बजट से नगर परिषद ने 20 ई-रिक्शा खरीदा है। शुक्रवार को सभी ई-रिक्शा की डिलीवरी हो गई है। नगर परिषद अधिकारियों की मानें तो जल्द ही ई-रिक्शा वार्डों की तंग गलियों से कचरे का उठान करेंगे। इन गलियों में नगर परिषद के ट्रैक्टर और ऑटो टीपर नहीं पहुंच पा रहे हैं।
शुक्रवार को नगर परिषद के बेडे में ई-रिक्शा भी शामिल हो गई हैं। ई-रिक्शा को डोर-टू-डोर कचरा उठान सेवा के तहत प्रयोग में लिया जाएगा। नप अधिकारियों की मानें तो हर वार्ड में एक ई-रिक्शा भेजी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही ई-रिक्शा को शहर की गलियों में उतारने के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी।
नप सूत्रों की माने तो 21 वार्डों में 60 से अधिक तंग गलियां हैं। इन वार्डों की अन्य गलियों में तो ऑटो टीपर या ट्रैक्टर-ट्रॉली कचरा उठान करने पहुंच रहे हैं लेकिन वाहन अंदर नहीं जाने पर तंग गलियों को कवर नहीं किया जा रहा है। गलियों में रहने वाले लोग समीपवर्ती डंपिंग प्वाइंट पर कचरे का निस्तारण करने को विवश हैं। गत दो अक्तूबर को महात्मा गांधी जयंती पर प्रधान सचिव आनंद मोहन शरण एमसी कॉलोनी में निर्माणाधीन पार्क की आधारशिला रखने आए थे। उस दौरान नप अधिकारियों और पार्षदों ने उन्हें नगर परिषद बेडे में संसाधनों की कमी से अवगत करवाया था। इसके बाद नप अधिकारियों ने प्रपोजल हेड ऑफिस भेज दिया था और वहां से करीब एक करोड़ 83 लाख रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था। बजट आने के बाद नप अधिकारियों ने संसाधनों की खरीद के लिए टेंडर लगाए थे। इसके तहत एक स्वीपिंग मशीन पहले ही खरीदी जा चुकी है जबकि अब 20 ई-रिक्शा भी खरीदे गए हैं। वहीं अधिकारियों का कहना है कि प्रपोजल में शामिल अन्य संसाधनों की खरीद भी जल्द कर ली जाएगी।
एक सप्ताह में पहुंचेंगे दस नए ऑटो टीपर
एक्सईएन सुंदर श्योराण ने बताया कि प्रधान सचिव के निर्देशानुसार एक स्वीपिंग मशीन, दस ऑटो टीपर, एक डंपर प्लेजर, बड़े डस्टबिन व ई-रिक्शा की खरीदनी थी। इनमें से स्वीपिंग मशीन और ई-रिक्शा की खरीद हो चुकी है जबकि अगले दस दिन में ऑटो टीपरों की डिलीवरी की जाएगी। इसके बाद ऑटो टीपरों की संख्या बढ़कर 20 हो जाएगी।
20 ई-रिक्शा शुक्रवार को नगर परिषद कार्यालय में पहुंच गई हैं। जल्द ही इन्हें वार्डों की गलियों में उतार दिया जाएगा। तंग गलियों से कचरा उठान करने के लिए ये रिक्शा खरीदी गई हैं और जरूरत के मुताबिक इन्हें वार्डों में भेजा जाएगा।
सुंदर श्योराण, एक्सईएन, नगर परिषद