रावलधी-भिवानी लिंकमार्ग से गुजरते भवन निर्माण सामग्री से लदे वाहन। संवाद
अमर उजाला फॉलोअप:
क्रशर जोन में तीन दिन से भवन निर्माण सामग्री से भरे खड़े 3,000 वाहन हुए रवाना
पोर्टल झेलने से पहले डंपर चालक, क्रशर संचालक और ट्रांसपोर्टरों को तीन दिन तक झेलनी पड़ीं दिक्कतें
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी/झोझूकलां/बाढड़ा। ई-रवाना पोर्टल की तकनीकी खामी बुधवार को चौथे दिन दूर हो गई। दोपहर बाद पोर्टल चलते ही क्रशर जोन में भवन निर्माण सामग्री से भरे खड़े डंपरों और ट्रॉलों को रवाना किया गया। वहीं, पोर्टल चलने पर डंपर चालकों समेत क्रशर संचालकों और ट्रांसपोर्टर्स ने राहत की सांस ली है। वहीं, खनन निरीक्षक कोमल कुमार ने पोर्टल चलने की पुष्टि की।
खेड़ी बत्तर स्टोन क्रशर ऑनर वेलफेयर एसोसिएशन अध्यक्ष एडवोकेट नवीन सांगवान और अन्य क्रशर संचालकों ने बताया कि रविवार से ई-रवाना पोर्टल बंद था। पोर्टल न चलने के कारण वे भवन निर्माण सामग्री दूसरे जिलों और प्रदेशों में नहीं भेज पा रहे थे। वहीं, भवन निर्माण सामग्री पहुंचने में हो रही देरी से कई शहरों में विभिन्न साइटों पर काम रुक गया था। उन्होंने बताया कि खनन विभाग के अधिकारियों ने सोमवार देर शाम तक पोर्टल चालू होने का आश्वासन दिया था जबकि पोर्टल बुधवार दोपहर बाद चला।
पोर्टल की खामी दूर होते ही भवन निर्माण सामग्री से लदे खड़े वाहनों को क्रशर जोन से विभिन्न जिलों और दूसरे प्रदेशों के लिए रवाना किया गया। वहीं, बुधवार दोपहर बाद रावलधी-भिवानी लिंकमार्ग पर भवन निर्माण सामग्री से लदे डंपरों और ट्रॉलों की कतारें लगी रहीं। ओवरब्रिज पर बीच-बीच में जाम भी लगा।
- मुख्यमंत्री और खनन मंत्री को भेजा था ज्ञापन
क्रशर संचालकों ने बताया कि पोर्टल की समस्या को लेकर सोमवार को उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, खनन मंत्री कृष्णलाल पंवार और खान एवं भूविज्ञान विभाग पंचकूला के निदेशक को ज्ञापन भेजा था। इसके करीब 48 घंटे बाद पोर्टल की खामी दूर हो पाई।
-काम शुरू होने से चालकों और श्रमिकों को मिली राहत
ई-रवाना पोर्टल काम नहीं करने से एकतरफ स्टोन क्रशर संचालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था तो दूसरी तरफ क्रशर उद्योग से जुड़े हजारों मजदूर, चालक और व्यापारी प्रभावित हो रहे थे। कारोबार ठप होने से उनके समक्ष रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया था। बुधवार को पोर्टल चालू होने पर उन्हें राहत मिली।
वर्सन:
चौथे दिन ई-रवाना पोर्टल चला है। इसके बाद क्रशर जोन में खड़े भवन निर्माण सामग्री से लदे खड़े वाहनों को रवाना किया गया। समस्या का समाधान होने से क्रशर संचालकों और ट्रांसपोर्टर्स समेत श्रमिकों व चालकों को राहत मिली है।
-नवीन सांगवान, प्रधान, खेड़ी बत्तर क्रशर एसोसिएशन