नहरी पानी चोरी रोकने के लिए पंप हाउस पर मौजूद जेई व अन्य कर्मचारियाें की टीम।
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चरखी दादरी। पानी की चोरी ज्यादा मात्रा में होने से नहरों के टेल तक पानी पहुंचाना मुश्किल कार्य बना हुआ है। इतना ही नहीं जलघरों को भरने में भी दिक्कत बनी हुई है। एक सप्ताह में नहरी पानी चोरी के 500 मामले पकड़े गए हैं। किसान नहरों पर साइफन पाइप व इंजन आदि लगाकर पानी की चोरी करते हैं। सिंचाई विभाग की टीमें लगातार नहरों पर छापामार रही है। पानी चोरी करते किसानों को चिह्नित किया जा रहा है। जिलेभर में इस समय करीब 65 जलघरों में पानी भरने की जरूरत है। अब तक जलघरों में 40 प्रतिशत पानी ही भरा जा सका है। ऐसे में सर्दी में ही लोगों को पेयजल संकट झेलना पड़ रहा है।
गत 13 दिसंबर से नहरों में पानी चल रहा है। 28 दिसंबर को पानी हेड से बंद हो जाएगा। लोगों का कहना है जलघरों में पर्याप्त मात्रा में पानी भरना जरूरी है। सर्दी सीजन में भी लोगों को पेयजल संकट झेलना पड़ रहा है। गत 12 दिसंबर को मेन हेड खुबडू से 850 क्यूसिक पानी छोड़ा गया था जो 13 दिसंबर को जिले की नहरों में पहुंच गया था।
शहर में पेयजल स्टोरेज बढ़ाने के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। जो वाटर टैंक बने हुए हैं वे भी कई बार समय पर पूरे नहीं भरे जाते हैं। लोहारू फीडर से नगर के मेन चंपापुरी जलघर में पानी डाला जाता है। बधवाना नहर से शहर के दूसरे रामनगर जलघर में पानी डाला जाता है। जलघर के वाटर टैंकों में पंप एवं मोटर के जरिए पानी डाला जाता है।
फसलों के लिए पानी की सख्त जरूरत
इस समय रबी की फसलों में सिंचाई के लिए भी ज्यादा पानी की जरूरत है। जलघरों में भी पर्याप्त मात्रा में पानी डाला जाना जरूरी है। शहर के लिए कम से कम एक माह की स्टोरेज क्षमता होनी चाहिए तब जाकर पेयजल की किल्लत दूर हो सकती है। नहरों में पानी 24 दिन में छोड़ा जाता है। कई गांवों में हाल ही में नए जलघर भी बने हैंं। नीमड़ बड़ेसरा में बड़ा जलघर है। कस्बा झोझू कलां में भी नया जलघर बना है।
वर्जन :
विभाग की टीमें जलघरों को भरवाने में जुटी हैं। पानी की चोरी रोकने के लिए लगातार छापे मार रही है। आए दिन पानी चोरी के मामले पकड़े जा रहे हैं। जलघरों में पर्याप्त मात्रा में पानी डाला जाएगा। अब तक 500 से ज्यादा मामले पकड़े जा चुके हैं।- एक्सईएन सतेंद्र कुमार, सिंचाई विभाग दादरी।