बाढड़ा। गांव कलाली के योगेश को रिश्वत न देने पर जेल भेजने के मामले की जांच 5 फरवरी को डीएसपी बाढड़ा करेंगे। इसके लिए संबंधित पक्ष को बुलाया गया है।
गांव कलाली के राजकुमार ने 21 जनवरी को एक शिकायत पुलिस अधीक्षक चरखी दादरी को दी थी। पुलिस अधीक्षक चरखी दादरी ने जांच का जिम्मा उप पुलिस अधीक्षक बाढड़ा को सौंपा है। इस मामले में कलाली के ग्रामीणों ने एक ज्ञापन आम आदमी पार्टी के हलका अध्यक्ष राकेश श्योराण को सौंपकर मांग की थी कि हमारे गांव का निर्दोष लड़का योगेश सब इंस्पेक्टर को रिश्वत न देने की वजह से जेल भेज दिया। पीड़ित युवक की मदद की जाए। राकेश श्योराण ने प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज को पत्र भेजा था और इस मामले में शिकायतकर्ता महिला द्वारा एक शिकायत एसडीएम चरखी दादरी को देकर कहा था कि योगेश मामले में पूरी तरह से निर्दोष है। इसके बाद एसडीएम ने प्राथमिक जांच उपरांत पुलिस विभाग द्वारा गंभीर चूक की जानी पाई गई थी और अपनी रिपोर्ट डीसी चरखी दादरी को भेज दी। राज कुमार द्वारा दी गई शिकायत की जांच डीएसपी बाढड़ा द्वारा 5 फरवरी को की जाएगी। शिकायत में राजकुमार ने आरोप लगाया है कि एसआई ने उससे रिश्वत मांगी थी, लेकिन रिश्वत न देने पर उसके भतीजे योगेश को निर्दोष होने के बावजूद जेल भेज दिया गया। राजकुमार ने कहा है कि योगेश का नाम एफआईआर व 164 सीआरपीसी के बयानों में कहीं नहीं है। महिला शपथ पत्र देकर कह रही है कि योगेश पूरी तरह से निर्दोष है।