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Charkhi Dadri News: नागरिक अस्पताल और निजी स्कूल के बाहर मेडिकल स्टोर पर बिक रहा था नशा, टीम ने छह मेडिकल स्टोर किए सील

Fri, 27 Oct 2023 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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कालांवाली में मेडिकल पर छापेमारी के दौरान जांच करती पुलिस टीम।
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कालांवाली । पंजाब से सटे कालांवाली में मेडिकल नशे को लेकर शुक्रवार को एडीजीपी और ड्रग्स विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। इस दौरान छह मेडिकल स्टोर को सील किया गया। नागरिक अस्पताल और निजी स्कूल के साथ लगते मेडिकल स्टोर पर बड़े स्तर पर प्रतिबंधित नशे की दवाएं बेची जा रही थीं। स्कूलों के आसपास इन दवाओं का बिकना बेहद चिंताजनक है।
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एडीजीपी और ड्रग विभाग की टीम दो सप्ताह पहले भी कालांवाली में कार्रवाई करने की योजना बनाकर आई थी लेकिन सूचना लीक होने के कारण टीम ने डबवाली का रुख कर लिया था। ऐसे में कालांवाली से बिना कार्रवाई किए लौट गई थी। वहीं शुक्रवार को टीम सुबह ही कालांवाली में पहुंच गई और मेडिकल स्टोर संचालकों पर कार्रवाई की।

हैरानी की बात यह है कि नागरिक अस्पताल के सामने मेडिकल स्टोर पर बड़े स्तर पर प्रतिबंधित नशे की दवाइयां बरामद हुईं। नागरिक अस्पताल के सामने वाहेगुरु मेडिकल हॉल डबवाली रोड कलावाली के संचालक सिंह दविंदर सिंह पुत्र निका सिंह वासी गांव माखा से 6165 प्रतिबंधित नशे की गोलियां और कैप्सूल टीम ने बरामद किए। इसके अतिरिक्त जगदंबे मेडिकल के संचालक राजीव कुमार के मेडिकल स्टोर से 32 सिग्नेचर कैप्सूल व लाइफ फार्मेसी डबवाली रोड कॉलोनी के संचालक जगदीप सिंह पुत्र बूटा सिंह वासी मिर्जाना पंजाब से 982 प्रतिबंधित नशे की गोलियां मिली। इतना ही नहीं, कर्ण मेडिकल हाल मंडी कालावाली के संचालक मनजीत कुमार पुत्र मदन लाल वासी कालांवाली से 61 प्रतिबंधित नशीली गोलियां और मां मेडिकोज मंडी कालांवाली के सचांलक रोहित कुमार पुत्र हेमराज वासी कालांवाली के कब्जा से 1644 प्रतिबंधित नशे की गोलियां बरामद हुईं।
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निजी स्कूल के बाहर बिक रही थी नशे की गोलियां
कालांवाली में नागरिक अस्पताल के अतिरिक्त निजी स्कूल के पास चल रहे अभिजोत मेडिकोज संचालक रणजीत सिंह पुत्र जगराज सिंह वासी गांव कालांवाली से 984 नशे की गोलियां पकड़ी गई। स्कूल से कुछ ही दूरी पर प्रतिबंधित दवाएं इतनी मात्रा में पकड़े जाना कई सवाल खड़े करता है। सूत्रों के अनुसार कालांवाली में युवा बड़े स्तर पर चिट्टे और मेडिकल नशा करते हैं। ऐसे में स्कूलों के बाहर इन दवाओं का बिकना चिंता का विषय है।


मुख्य रूप से यह प्रतिबंधित दवाइयां पकड़ी गई

- टेपेंटाडोल

- प्रेगाबिन
- अल्टोप्रेक्स

- गाबापेंटिंन
-

यह खामियां मिलीं
1 प्रतिबंधित दवाएं बेची जा रही थी।
2 दवाओं के खरीद व फरोख्त का रिकॉर्ड पूर्ण नहीं था।
3 फार्मासिस्ट नहीं था।

पंजाब से आकर खरीद रहे मेडिकल नशा
जानकारी के अनुसार पंजाब के नजदीक लगने के कारण कालांवाली में बड़े स्तर पर चिट्टे और मेडिकल नशे का कारोबार होता है। इस कारोबार के कारण ही मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित दवाओं की इतनी बड़ी खेप देखने को मिली है। बता दें कि कालांवाली में नशे को लेकर पुलिस प्रशासन की विशेष नजर है। लोगों में जागरूकता आने के चलते अब पुलिस प्रशासन का गुप्त रूप से ग्रामीण भी सहयोग कर रहे हैं। लोगों के सहयोग से एडीजीपी की टीम को जानकारी प्राप्त हो रही है और हर प्रकार का नशा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाया जा रहा है।

एडीजीपी विभाग की टीम के साथ आज हमने कालांवाली के छह मेडिकल स्टोर को सील किया है। इनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इन स्टोर में कोई फार्मासिस्ट नहीं था। दस्तावेज पूर्ण नहीं थे और प्रतिबंधित दवाइयां बेची जा रही थी।
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रजनीश धन्नीवाल , ड्रग निरीक्षक
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