चरखी दादरी। जिले में जल जीवन मिशन योजना के तहत अब प्रत्येक जलघर को नहरी पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होगा। इसके लिए जलघरों तक पेयजल लाइनें बिछाई जा रही हैं। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि नए व पुराने सभी जलघरों तक नहरी पानी पहुंचाया जाएगा। जहां बोरिंग ट्यूबवेल से सप्लाई की जा रही है वहां भी विभाग नहरी पानी की उपलब्धता करवाने पर काम चल रहा है।
दादरी जिले में 65 जलघर हैं। शहर के अलावा गांवों में पेयजल आपूर्ति में सुधार करने व पानी की बर्बादी रोकने जैसे बिंदुओं पर विभाग अब कदम उठाने जा रहा है। इसके तहत पेयजल सुविधाओं में विस्तार किया जा रहा है। शहर में पेयजल का संकट हर मौसम में बना रहता है। शहर में पेयजल क्षमता कम होने की वजह से दिक्कत बन रही है। दूषित पेयजल आपूर्ति की हर वार्ड से शिकायतें मिलती आ रही हैं।
आज से तीन दशक पहले लोग कुएं, बावड़ी व जोहड़ के पानी से काम चला लेते थे। पेयजल के लिए कुओं का पानी अमृत के समान होता था जबकि आज यह पानी जहर बना हुआ है। पहले जलघर भी इतनी संख्या में नहीं होते थे। सरकार को जलघरों के निर्माण की जरूरत हीं नहीं थी। अब गांव स्तर पर जलघर बनवाने पड़ रहे हैं और इनमें नहरी पानी की उपलब्धता करवानी पड़ रही है। इसे देखते हुए विभाग अब केवल नहरी पानी हर गांव तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रहा है।
1.40 लाख मीटर लंबी पाइप लाइन डाल चुका विभाग
विभाग की ओर से अब सभी जलघरों में पानी की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता करवाने के लिए मोटे आकार की पाइप लाइनें बिछाई जा रही हैं। अब तक 1.40 लाख मीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। पहले विभाग खुले सीमेंट के नालों के माध्यम से जलघरोंं में पानी भरता था जबकि अब भूमिगत पाइप लाइन बिछाई जा रही है। नालों से पानी का रिसाव होता था और रास्ते में किसान खेतों की सिंचाई कर लेते थे।
नहरी पानी मिलने से सुधरेगी गुणवत्ता
पानी में पोषक तत्वों के रूप में मुख्य ऑक्सीजन,आयरन, सल्फर,फ्लोराइड व फास्फेट के अलावा अन्य ऑर्गेनिक भी होते हैं। इनका संतुलित मात्रा में पानी में मौजूद होना जरूरी है। मानव शरीर में 75 प्रतिशत पानी जलवाष्प के रूप में बाहर निकलता है। ऐसे में पोषकयुक्त पानी का सेवन ही फायदा पहुंचाता है। खारा पानी का सेवन करने से पेट संबंधी कई प्रकार की बीमारियां हो जाती है। पेचिस रोग की भी शिकायत हो जाती है। शरीर में सोडिक की मात्रा बढ़ जाती है। आंत संबंधी रोगों को बढ़ावा मिलता है।
नहरी पानी की उपलब्धता के लिए पाइपलाइनें बिछाई जा रही हैं। गांव स्तर पर नहरी पानी की आपूर्ति करने की दिशा में काम चल रहा है। पानी की कमी नहीं होने दी जाएगी। पानी की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
मोहनलाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग