चरखी दादरी। जिला के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर 13 दिन में रेबीज के इंजेक्शन लगवाने 280 मरीज पहुंचे हैं। इनमें सबसे अधिक 90 फीसदी मरीज कुत्तों के काटने हैं जबकि 10 फीसदी मरीजों को बिल्ली, बंदर व अन्य जानवरों ने काटा है। अस्पताल में मरीजों के लिए एंटी रेबीज वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक है। वहीं, सोमवार को नागरिक अस्पताल में 40 मरीज वैक्सीन लेने पहुंचे।
गौरतलब है कि साल के शुरुआत से ही रेबीज संभावित मरीजों की संख्या बढ़ रही है और प्रतिदिन 20 से 40 मामले सामने आ रहे हैं। सरकारी अवकाश के अगले दिन रेबीज संभावित मरीजों की संख्या 50 तक पहुंच जाती है। बीते 13 दिन में नागरिक अस्पताल में 252 मरीजों ने कुत्ते के काटने पर वैक्सीन लगवाई है जबकि 28 मरीज बिल्ली, बंदर, चमगादड़, खरगोश व चूहे आदि काटने के हैं। कुत्तों के काटने के मरीज अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों से हैं जबकि बंदर काटने के केस शहर से अधिक आए हैं।
राहत की बात यह है कि इस समय नागरिक अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन का स्टॉक पर्याप्त है। स्टाफ की मानें तो 600 डोज अभी भी उपलब्ध हैं और खत्म होने से पहले ही और वैक्सीन स्टॉक मंगवा लिया जाएगा। इस समय नागरिक अस्पताल में वैक्सीन की 120 वायल हैं और एक वायल में पांच डोज होती हैं।
- नए साल में बढ़ी है संख्या
नागरिक अस्पताल स्टाफ की माने तो वर्ष 2025 में बंदरों, कुत्तों और बिल्ली समेत अन्य जानवरों के काटने के मामले बढ़े हैं। पिछले साल की बात करें तो जिले में प्रतिदिन 9 केस सामने आते थे, लेकिन इस बार संख्या 20 से लेकर 40 तक पहुंच रही है।
- मरीज को लगवाने होते हैं 3 से 5 इंजेक्शन
कुत्ता, बंदर, बिल्ली या अन्य जानवर के काटने पर मरीज को तीन से 5 इंजेक्शन लगवाने होते हैं। ये डोज नियमित अंतराल पर दी जाती है। वहीं, रेबीज से बचने के लिए टीकाकरण कोर्स पूरा करना जरूरी है। वहीं, इसे हल्के में लेने पर मरीज की जान भी जा सकती है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर वैक्सीन की एक डोज 100 रुपये में लगती है जबकि मेडिकल स्टोर पर इसकी कीमत 300 से 400 के बीच है। ऐसे में मेडिकल स्टोर से वैक्सीन की डोज खरीद कर पूरा उपचार लेना गरीब तबके के मरीजों के लिए आसान नहीं है।
जानिये... क्या बरतें सावधानियां
- कुत्ता, बिल्ली या बंदर के काटने पर तुरंत पानी व साबुन से घाव को 10 मिनट तक धोएं।
- घाव छोटा हो या बड़ा तुरंत एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाएं।
- चिकित्सक के परामर्श के अनुसार सभी डोज लगवाएं।
- घर में पालतू कुत्ते व बिल्ली को भी एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाएं।
- खाना खाते समय कुत्ते व बिल्ली को पास न आने दें।
- पशुओं को सहलाते समय भी हाथों में दस्ताने और मुंह पर मास्क रखें और बाद में हाथों को अच्छी तरह धोएं।
विभाग के पास पर्याप्त मात्रा एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध है। इनके खत्म होने तक और मंगवा ली जाएंगी। किसी भी जानवर के काटने पर चिकित्सक से परामर्श जरूर लें और उपचार कराएं। समय पर उपचार न कराने पर समस्या गंभीर हो सकती है और उपचार न कराने पर भविष्य में कभी भी व्यक्ति की रेबीज होने पर मौत हो सकती है। उस स्टेज में व्यक्ति को बचाने के लिए कोई उपचार नहीं होता है।
- डॉ. आशीष मान, डिप्टी सीएमओ, जिला स्वास्थ्य विभाग