फोटो-03 गांव खेड़ी बूरा में खलिहान में रखी सरसों की फसल। संवाद
कटाई के सीजन में किसान पर्याप्त नींद लें, थकान होने पर विश्राम अवश्य करें
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। किसान फसलों की कटाई और मड़ाई के सीजन में खेत और खलिहान के आसपास पानी का प्रबंध जरूर रखें। ताकि, आग की घटना होने पर समय रहते काबू पाया जा सके।
कटाई एवं मड़ाई के दौरान जरूरत के अनुसार बीच में कुछ समय के लिए विश्राम अवश्य करें। ताकि, ज्यादा थकान न होने पाए। कटाई एवं मड़ाई के दौरान ज्यादा खुले वस्त्र न पहनें। फसल की कटाई होनेे के बाद खलिहान को बिजली के तारों से दूर रखें। नशा किसी प्रकार का न करें। रबी की फसलोंं की कटाई का समय चल रहा है। इस बार सरसों का रकबा प्रदेश भर में ज्यादा है। सरसों का भाव बढि़या होने की वजह से किसानों ने गेहूं के बजाय सरसों की ज्यादा क्षेत्र में बिजाई कर रखी है। फसल की कटाई एवं मड़ाई के दौरान खेत में धूम्रपान कत्तई न करें। आसपास आग न जलाएं। कई बार हवा के रुख से आग की लपटें फैल जाती हैं। ये लपटें फसल को चपेट में ले लेती हैं।
इससेे बाद में आग पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है। हर साल रबी के सीजन में आग की घटनाओं से राज्यभर में करीब चार हजार एकड़ क्षेत्र में खड़ी या कटी हुईं फसलें जल जाती हैं।
कई बार ढीले वस्त्र होने पर मड़ाई करते समय किसान थ्रेसर की चपेट में आ जाते हैं। इससे हाथ या शरीर के अन्य अंग गंवा बैठतेे हैं। थ्रेसर मशीन से अंग कटने की प्रदेश भर में करीब 50 घटनाएं हर वर्ष हो जाती हैं।
जितना हो सके हाथ से कटाई की जाए तो बेहतर होगा। इससे अनाज की बर्बादी कम होगी। मशीन आदि से कटाई करने पर फसल के दाने खेत में बिखर जाते हैं। इससे औसत पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ता है। फसल को अच्छी तरह से सुखाने के बाद ही उसकी थ्रेसर मशीन से मड़ाई करवाएं। ताकि, दाने में नमी की मात्रा न रहने पाए। इससे अच्छा भाव मिलेगा।
वर्सन
फसलों की कटाई के सीजन में किसान पर्याप्त नींद लें। खलिहान को बिजली के तारों से दूर रखें। जरूरत पड़ने पर कृषि विभाग के अधिकारियों से गाइडलाइन ली जा सकती है।
-एसडीओ कृष्ण कुमार, कृषि विभाग