सरकार ने दिव्यांग पेंशन के लिए 21 गंभीर बीमारियों को शामिल करने का लिया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों पर प्रदेश सरकार ने 21 गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को दिव्यांग पेंशन उपलब्ध करवाने का फैसला लिया है। इसके लिए आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए और वह हरियाणा का निवासी होना चाहिए। इतना ही नहीं, आवेदक तीन वर्ष से हरियाणा में ही रह रहा हो। आवेदक की सभी स्रोतों से वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
उपायुक्त मुनीश शर्मा ने बताया कि सरकार ने चलने-फिरने में असमर्थ दिव्यांग, कुष्ठ रोग, मस्तिष्क पक्षाघात, मांसपेशीय दुर्विकास, अंधापन, कम दृष्टि, श्रवण दोष, वाणी और भाषा दिव्यांगता, बौद्धिक दिव्यांगता, विशिष्ट अधिगम दिव्यांगता, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार, मानसिक बीमारी, दीर्घकालिक तंत्रिका संबंधी बीमारी, मल्टीपल स्कलेरोसिस, पार्किंसंस रोग, सिकल सेल रोग, बहु विकलांगता, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया, एसिड अटैक पीड़ित व बौना आदि विकार 21 बीमारियों में शामिल हैं।
इन बीमारियों से संबंधित पात्र व्यक्तियों को दिव्यांग पेंशन का लाभ प्रदान किया जाता है। दिव्यांग पेंशन का लाभ लेने के लिए सिविल सर्जन कार्यालय से 60 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांगता का प्रमाणपत्र प्राप्त करना होता है। इस दिव्यांगता प्रमाणपत्र को परिवार पहचानपत्र में अपडेट करवाकर दिव्यांग पेंशन बनवाई जा सकती है।