संवाद न्यूज एजेंसी
बाढड़ा। रोहतक मंडल के आयुक्त ने जिला उपायुक्त चरखी दादरी के गांव डांडमा के सरपंच को निलंबन के आदेश पर रोक लगा दी है। उपायुक्त ने आठ मई को सरपंच आनंद श्योराण पर सरकारी कामकाज में लापरवाही बरतने, प्रशासनिक व्यवस्था में सहयोग न करने और कारण बताओ नोटिस का जवाब न देने पर हरियाणा पंचायती राज एक्ट के तहत निलंबित किया था।
जिला प्रशासन ने डीडीपीओ व बीडीपीओ बाढड़ा को पत्र लिखकर तुरंत प्रभाव से निलंबित सरपंच से डांडमा ग्राम पंचायत का रिकॉर्ड लेकर बहुमत वाले पंच को चार्ज देने व जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को सारे मामले की जांच के निर्देश दिए थे। अब आयुक्त ने आगामी आदेश तक डीसी के आदेश पर रोक लगा दी है।
गांव निवासी रघबीर सिंह ने गांव के दो परिवारों पर लंबे वक्त से पंचायती भूमि को खुद की मलकीयत बताकर काश्त करने की शिकायत की थी। इस पर बीडीपीओ, एसडीएम कार्यालय व उपायुक्त कार्यालय की जांच में शामलात जमीन पर गलत तरीके से खेतीखाड़ी करने की रिपोर्ट तैयार की। जिला कलेक्टर कोर्ट ने दो महीने पहले गांव के सरपंच को बीडीपीओ के साथ मिलकर कृषि भूमि पर खड़ी फसल की कटाई करवा कर फसल की बिक्री करने व अवैध रूप से कब्जाई गई भूमि को ग्राम पंचायत के अधीन लेने का आदेश दिया था। जिला उपायुक्त ने सरपंच को 8 मई को हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 51, 1 के तहत निलंबित करने का आदेश जारी किए थे। अब रोहतक मंडल के आयुक्त ने जिला उपायुक्त चरखी दादरी के सरपंच को निलंबन के आदेश पर रोक लगा दी है।
आनंद श्योराण ने बताया कि वह पूरी पारदर्शिता से ग्रामीण विकास व जनसेवा में जुटा है। उसे काम में लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर निलंबित किया गया था जो निराधार था। पंचायती जमीन पर उसके पहले से अवैध कब्जा था जो अब हटाया गया है। कुछ लोगों का आपसी विवाद गांव के विकास को बाधित करने का प्रयास है।