झोझूकलां। जिला प्रशासन ने बुधवार शाम झोझूकलां गांव में रात्रि ठहराव कार्यक्रम आयोजित किया। उपायुक्त मुनीश शर्मा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कार्यक्रम में पहुंचे और ग्रामीणों से सीधा संवाद किए। इस दौरान उन्होंने सार्वजनिक व व्यक्तिगत 47 समस्याएं सुनीं। 7 का मौके पर समाधान किया। वहीं, 40 मामलाें में त्वरित कार्रवाई करने के आदेश अधिकारियों को दिए।
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने नागरिकों से कहा कि सरकार जनसेवा में समर्पित होकर कार्य कर रही है। समाधान शिविर के साथ ही लोगों के घर-द्वार जाकर समस्या की सुनवाई करने के उद्देश्य से रात्रि ठहराव कार्यक्रम के तहत प्रशासन गांवों में पहुंच रहा है। जिला प्रशासन हर समय नागरिकों की समस्याएं सुनने और उनका समाधान करने के लिए तत्पर है।
इतना ही नहीं, जिला प्रशासन की ओर से मुख्यालय व उप मंडल स्तर पर प्रत्येक सोमवार व वीरवार को समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें प्राप्त शिकायतों के निवारण की निरंतर मॉनिटरिंग भी की जा रही है। किसी भी नागरिक की किसी भी विभाग से संबंधित यदि कोई समस्या है तो वह बिना किसी हिचक के प्रशासन के समक्ष रखे, उनका समयबद्ध ढंग से समाधान किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे गांव के विकास में अपना योगदान दें।
उन्होंने कहा कि जरूरतमंद पात्र लोगों के कल्याण के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाएं हैं। इनका लाभ जरूरतमंद लोगों को लेना चाहिए। योजना की जानकारी लेने के लिए वे संबंधित विभाग के अधिकारियों से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि आजकल सभी योजनाएं परिवार पहचानपत्र के साथ में जुड़ी हुई हैं। सरकार की ओर से सभी जरूरी सेवाएं ऑनलाइन की गई हैं। सरकार का उद्देश्य है कि पारदर्शिता के साथ जरूरतमंद और पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति को योजनाओं का लाभ मिले।
ये शिकायतें पहुंचीं उपायुक्त के पास
रात्रि ठहराव कार्यक्रम में उपायुक्त के समक्ष ग्रामीणों ने पेयजल, बिजली व खेल समेत स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं रखीं। झोझूकलां मंडी के समीप पुलिया का निर्माण कराने की भी मांग की गई। इसके अलावा, खेल स्टेडियम का लेवल दुरुस्त करने के लिए पांच फीट मिट्टी डलवाने की मांग की गई। वहीं, ग्राम पंचायत ने बताया कि दो पार्काें के लिए जगह दी जा चुकी है, लेकिन, निर्माण अब तक नहीं हुआ है।
ये अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अर्श वर्मा, सीटीएम जितेंद्र कुमार, पशुपालन विभाग उप निदेशक डाॅ. जसवंत जून, बीडीपीओ स्वाति, कार्यकारी अभियंता वेदपाल सांगवान, सोहनलाल, कुष्ण कुमार, सतेंद्र सांगवाल, श्यामलाल व अजय राठी आदि मौजूद रहे।