चरखी दादरी। जिला प्रशासन की ओर से शीत लहर के दौरान प्रभावी प्रबंधन के लिए बहु-क्षेत्रीय और समन्वित कार्ययोजना लागू की गई है। इसका उद्देश्य जनजीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना, ठंड से होने वाली बीमारियों और मृत्यु के जोखिम को कम करना और कमजोर वर्गों को आवश्यक राहत प्रदान करना है।
उपायुक्त डाॅ. मुनीश नागपाल ने बताया कि प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे शीत लहर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। पेयजल की उपलब्धता, अस्थायी आश्रयों, रैन बसेरों और सामुदायिक केंद्रों पर पर्याप्त कंबल, गर्म कपड़े, भोजन और दवाइयों की व्यवस्था रहे। बेघर और निराश्रित व्यक्तियों के लिए रात्रि विश्राम गृहों और सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था भी की जा रही है।
एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी समुदाय स्तर पर सक्रिय रहकर जन जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से वृद्धजनों, बच्चों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों की देखभाल और ठंड से सुरक्षा सुनिश्चित करने पर बल दिया गया है।
उपायुक्त ने बताया कि पशुपालन विभाग को भी पशुओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने को कहा गया है। सभी पशु आश्रयों में पर्याप्त चारा, स्वच्छ पानी, गर्म बिस्तर और आवश्यक टीकाकरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है ताकि पशुधन को ठंड के प्रभाव से बचाया जा सके। इसके अतिरिक्त, शहरी स्थानीय निकायों और ग्रामीण विकास विभाग को सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था करने, रैन बसेरों को सक्रिय रखने और राहत शिविरों में स्वच्छ पेयजल, भोजन और चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन की ओर से निरंतर निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और नागरिकों और पशुओं की सुरक्षा हर स्तर पर सुनिश्चित की जा सके।