चरखी दादरी। फर्जी मुठभेड़ और दस लाख रुपये रिश्वत मामले में बुधवार सुबह लघु सचिवालय परिसर में प्रदर्शनकारियों और पुलिस जवानों के बीच जमकर तकरार हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों का धरनास्थल तो बदलवा दिया, लेकिन उन्हें जबरन उठाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि लघु सचिवालय भवन गेट के पास से उठाने के बाद प्रदर्शनकारी बाहर मुख्य गेट के पास धरनास्थल पर डटे रहे। उनके समर्थन में अब कई गांवों के सरपंच और सांगवान खाप भी आ गई है।
जिले में पिछले तीन दिनों से फर्जी मुठभेड़ और दस लाख रुपये रिश्वत का मामला तूल पकड़ रहा है। सोमवार को जहां एसपी से मुलाकात कर तहरीर दी गई थी तो वहीं मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने धरना शुरू किया था। मंगलवार रातभर प्रदर्शनकारी लघु सचिवालय भवन गेट के पास धरने पर डटे रहे।
पुलिस जवानों ने बुधवार सुबह करीब नौ बजे उनसे मुख्य प्रवेश गेट के पास निर्धारित धरनास्थल पर जाने के लिए कहा लेकिन प्रदर्शनकारियों ने ऐसा करने से मना कर दिया। इसके बाद वहां और पुलिस जवान पहुंच गए और प्रदर्शनकारियों को वहां से उठा दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी बाहर मुख्य द्वार के पास धरने पर बैठ गए।
पुलिस जवानों के उन्हें जबरन उठाने की सूचना मिलते ही कई गांवों के सरपंच और सांगवान खाप-40 के पदाधिकारी भी धरनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने एलान किया कि किसी के साथ भी ज्यादती नहीं होने दी जाएगी। डीसी मनदीप कौर भी बुधवार को धरनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे अधिवक्ता संजीव तक्षक से बातचीत कर उनका पक्ष जाना।
वहीं बार एसोसिएशन प्रधान नसीब राणा भी मीडिया से मुख़ातिब हुए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन को बार एसोसिएशन का समर्थन प्राप्त नहीं है। अगर कोई वकील अपने मुवक्किल की लड़ाई लड़ता है तो ये उसका व्यक्तिगत प्रदर्शन है। जल्द ही बार एसोसिएशन कि बैठक भी बुलाई जाएगी।
- पुलिस पर लगाया बल प्रयोग का आरोप
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे अधिवक्ता संजीव तक्षक ने आरोप लगाया कि बुधवार सुबह प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस जवानों ने बर्बरता की। पुलिस जवानों ने धरनास्थल पर प्रदर्शनकारियों को घेर लिया और बुजुर्गाें पर भी बल प्रयोग किया। इसका खामियाजा पुलिस को भुगतना पड़ेगा।
- पुलिस का तर्क : शिकायतकर्ता पक्ष सहयोग करे तो आगे बढ़े जांच
इस मामले में जिला पुलिस का तर्क है कि विभाग शिकायत के आधार पर जांच के लिए तैयार है। जांच अधिकारी नियुक्त किया जा चुका है और जांच शुरू करने के लिए अधिकारी की ओर से शिकायतकर्ता पक्ष को बुलाया भी गया, लेकिन जांच में सहयोग नहीं किया जा रहा। सहयोग मिलने के बाद ही जांच आगे बढ़ पाएगा। जिला पुलिस का कहना है कि अगर शिकायतकर्ता पक्ष स्थानीय पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं है तो किसी अन्य एजेंसी के नाम की सिफारिश सरकार के समक्ष कर सकता है।
- ये पहुंचे धरनास्थल पर
सांगवान खाप कन्नी प्रधान सूरजभान झोझू, सुरेंद्र सांगवान, बिरही कन्नी प्रधान दिलबाग सांगवान, पूर्व सरपंच दलबीर गांधी, आचार्य देवी सिंह, सरपंच प्रवीन, हवा सिंह, निमली सरपंच शमशेर, सरूपगढ़ सरपंच प्रतिनिधि अमित, रानीला पूर्व सरपंच ऋषि आदि बुधवार को धरनास्थल पर पहुंचे।
पुलिस मामले की जांच गंभीरता से कर रही है। जिन पुलिस कर्मचारियों पर आरोप था उन्हें निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की गई है। डीएसपी सुभाषचंद्र को मामले की जांच सौंपी गई है और शिकायतकर्ता पक्ष को बयान दर्ज करने के लिए बुला चुके हैं, लेकिन वह पेश नहीं हो रहे। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ता पक्ष सहयोग करे तो जांच त्वरित हो जाएगी। - नितिका गहलोत, एसपी, चरखी दादरी।