चरखी दादरी। अनाज मंडी में बाजरा की सरकारी खरीद शुरू होने का इंतजार है लेकिन खरीद से पहले ही मंडी की व्यवस्थाएं सवालों के घेरे में हैं। मंडी परिसर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। प्याऊ में पानी नहीं है जबकि शौचालय में मरम्मत का काम चल रहा है।
ऐसे में फसल लेकर पहुंचने वाले किसानों और मंडी में काम करने वाले आढ़तियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंडी में बेसहारा पशुओं का जमावड़ा भी लगातार बढ़ रहा है। पशु खुले में पड़ी फसल में मुंह मार रहे हैं जिससे किसानों और आढ़तियों को नुकसान की चिंता सता रही है।
अनाज मंडी में इन दिनों बाजरा और कपास की आवक शुरू हो चुकी है। बाजरे की सरकारी खरीद शुरू होने में अभी कुछ समय बाकी है। ऐसे में किसान अपनी फसल लेकर मंडी पहुंच रहे हैं और फसल को सुखाने समेत अन्य काम कर रहे हैं लेकिन मंडी परिसर में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं होने से किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई स्थानों पर कूड़े और गंदगी के ढेर लगे हुए हैं।
इससे मंडी का वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। मंडी में किसानों और आढ़तियों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था के लिए आठ प्याऊ बनाई गई हैं लेकिन फिलहाल इनमें से तीन-चार में पानी नहीं है। गर्मी और उमस के बीच मंडी में आने वाले लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
आढ़तियों का कहना है कि खरीद सीजन शुरू होने के बाद मंडी में भीड़ बढ़ेगी। यदि उससे पहले व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गईं तो परेशानी और बढ़ सकती है। वहीं मंडी के शौचालय में मरम्मत का काम चल रहा है। इसके कारण शौचालय की सुविधा भी फिलहाल नहीं मिल रही है।
मंडी परिसर में बेसहारा पशुओं की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। ये पशु मंडी में खुले में रखी और सुखाई जा रही फसल के आसपास घूमते रहते हैं और मौका मिलते ही फसल को खाने लगते हैं। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।प्रेम कुमार, मंडी आढ़ती
अनाज मंडी में चौकीदार की नियुक्ति न होने से बेसहारा पशुओं का झुंड घूमता रहता है। वहीं मंडी में चोरी की घटनाएं भी बढ़ने की संभावना है। मंडी प्रशासन को चाहिए कि वो समय रहते चौकीदार की व्यवस्था करवाए। ताकि किसानों और आढ़तियों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।विनोद गर्ग, आढ़ती
मंडी में केवल मात्र एक ही सार्वजनिक शौचालय बना हुआ है। शौचालय की बदहाल स्थिति को सुधारने के लिए मार्केट कमेटी को अब ध्यान आया है। शौचालय को सीजन बंद होने के समय ठीक करवाया जाता तो बेहतर होता। मंडी में आने वाले किसान व श्रमिक शौच आदि के लिए इधर-उधर भटकते रहते हैं।संजय कुमार, आढ़ती
अनाज मंडी की अधिकतर लाइटें बंद पड़ी हैं। रात के समय अंधेरा होने से चोरी की घटनाओं का भय बना रहता है। वहीं मंडी में बनी अधिकतर पानी की टंकियों में पानी की कमी बनी रहती है। मार्केट कमेटी के कर्मचारी कभी-कभार ही टैंकर मंगवा कर पानी डलवाते हैं। -हरीश गोयल, आढ़ती
वर्सन:
मंडी की साफ-सफाई करने के निर्देश जारी किए हुए हैं। शौचालय में मरम्मत का काम चल रहा है। जल्दी ही काम पूरा होने की उम्मीद है। सात चौकीदारों और 10 ऑपरेटरों की नियुक्ति की जाएगी ताकि खरीद के समय किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े।विद्या सागर, सचिव मार्केट कमेटी।