जिला निर्वाचन अधिकारी राहुल नरवाल ने प्रत्याशियों और राजनीतिक संगठनों के लिए जारी किए दिशा-निर्देश
नजरअंदाज करने वाले पर नियमानुसार होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर नेताओं की चुनावी रैली का दौर शुरू होने वाला है। इसके चलते जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त डॉ. राहुल नरवाल ने प्रत्याशियों और राजनीतिक संगठनों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनके अनुसार शिक्षण संस्थान के मैदान में कोई चुनावी रैली नहीं कर सकता।
जिला उपायुक्त ने बताया कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की ओर से प्रतिबंध लगाया गया है। चुनाव प्रचार के दौरान जाति, धर्म, समुदाय के आधार पर मतदाताओं की भावनाओं को प्रभावित नहीं किया जाएगा। चुनाव प्रचार के दौरान उच्च मानदंडों को बनाए रखना होगा। संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (अ) के तहत भारत के नागरिकों को अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार है, लेकिन, आदर्श चुनाव आचार संहिता का उद्देश्य इसके विभिन्न प्रावधानों के तहत निहित है। इसका पालन किया जाना चाहिए।
उपायुक्त ने बताया कि किसी मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा या अन्य धार्मिक स्थल का चुनाव प्रचार के लिए प्रयोग नहीं किया जा सकेगा और न ही इनमें भाषण, पोस्टर, संगीत, चुनाव से संबंधित सामग्री का उपयोग किया जा सकेगा। चुनाव प्रचार के दौरान रक्षा कर्मियों के फोटो या विज्ञापनों में रक्षा कर्मियों के कार्यक्रमों के फोटो का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
- स्टार प्रचारक भी आचार संहिता का रखें ख्याल
चुनाव आयोग की हिदायतों की जानकारी देते हुए उपायुक्त ने बताया कि स्टार प्रचारकों को भी चुनाव आचार संहिता का ख्याल रखना होगा। जिला स्तर पर चुनाव आयोग की हिदायतों के पालन के लिए प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मामलों की निगरानी की जा रही है। इसका पूरा रिकॉर्ड रखा जा रहा है।
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जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. राहुल नरवाल। संवाद