नगर के घिकाड़ा रोड स्थित हरिओम आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में मौजूद भक्त।
चरखी दादरी। नगर के घिकाड़ा रोड स्थित हरिओम आश्रम में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन वृंदावन से कथावाचक भारत भूषण महाराज ने पुरुषोत्तम मास की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की भक्ति से मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है।
उन्होंने कहा कि इस पवित्र मास में जो श्रद्धालु श्रद्धाभाव से श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करता है, उसे अनंत गुणा पुण्य फल की प्राप्ति होती है व सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैंं। उन्होंने कहा कि भागवत कथा केवल जीवित मनुष्यों के लिए ही नहीं, बल्कि पितरों के कल्याण का भी श्रेष्ठ माध्यम है। इस दौरान कथावाचक ने श्रीमद्भागवत का मंगलाचरण किया।
भगवान शिव की महिमा, सुखदेव महाराज के जन्मोत्सव व राजा परीक्षित को सुनाई गई भागवत कथा के प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब राजा परीक्षित को मृत्यु का श्राप मिला तब सुखदेव महाराज ने उन्हें सात दिन श्रीमद्भागवत कथा सुनाकर मोक्ष का मार्ग दिखाया और उनका उद्धार किया। कथावाचक ने कहा कि भगवान शिव भोले एवं दयालु देव हैं, जो भक्तों की सच्ची भक्ति से शीघ्र प्रसन्न होकर उन पर कृपा बरसाते हैं।
उन्होंने बताया कि भगवान शिव की आराधना करने से जीवन के दु:ख, संकट और भय दूर होते हैं। व्यक्ति को मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है। रामलीला कमेटी के चेयरमैन जयभगवान मस्ताना ने बताया कि कथावाचन 23 मई तक होगा। इस अवसर पर मंदिर के प्रधान भगवत फोगाट, रविंद्र गोयल, दलीप गोयल, शिव कुमार गोयल, वेदपाल जाखड़, श्याम शर्मा, लाला शर्मा, बिलेंद्र सांगवान, पुरुषोत्तम सैनी आदि उपस्थित रहे।