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Charkhi Dadri News: नगर परिषद का खजाना खाली होने से शहर में विकास कार्य ठंडे बस्ते में

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बजट के अभाव में जर्जर पड़ी शहर की अंदरुनी सड़क। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। नगर परिषद का खजाना पिछले लंबे समय से खाली है और इसके चलते शहरी विकास भी ठप है। विकास कार्यों के लिए नगर परिषद को मुख्यमंत्री से 29 करोड़ की ग्रांट और जिला प्रशासन से स्टांप ड्यूटी के साढ़े 6 करोड़ रुपये मिलने का इंतजार है। ये बजट राशि मिलने के बाद ही शहर में विकास कार्य रफ्तार पकड़े पाएंगे। हालांकि नगर परिषद चेयरमैन बक्शीराम सैनी की ओर से इस संबंध में मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उपायुक्त प्रीति से पत्राचार भी किया गया है। दूसरी ओर विकास कार्य परवान न चढ़ने से पार्षद भी परेशान हैं।
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बता दें कि गत आठ जुलाई को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दादरी की नई अनाज मंडी में प्रगति रैली की थी। इस रैली के आयोजक दादरी विधायक सोमबीर सांगवान थे। उस रैली में मुख्यमंत्री ने जिले की 350 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन किया था जबकि जिले के विकास के लिए 745 करोड़ मंजूर किए थे। इसमें नगर परिषद के लिए 19 करोड़ की ग्रांट भी शामिल थी। इसके अलावा नगर परिषद चेयरमैन बक्शीराम सैनी ने शहरी विकास के लिए चंडीगढ़ जाकर मुख्यमंत्री से 10 करोड़ की ग्रांट अलग से मांगी थी और इस बात की पुष्टि स्वयं चेयरमैन ने संवाददाता से बातचीत में की है।
अब आलम ये है कि इस घोषणा को 6 माह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक नगर परिषद को बजट मिलने का इंतजार है। करीब एक माह पहले विधायक के साथ हुई पार्षदों की बैठक में भी ये मुद्दा उठा था। पार्षदों ने विधायक से जल्द से जल्द यह बजट राशि जारी कराने की मांग की थी और इस पर विधायक ने उन्हें जल्द से जल्द से मुख्यमंत्री घोषणा का कोड लगवाकर ग्रांट जारी करवाने का आश्वासन दिया था। इस बैठक के एक माह बीतने के बाद भी नतीजा सिफर है।
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- 51 कामों की सूची की गई है तैयार
बता दें कि गत मार्च माह में नगर परिषद ने शहर में विकास कराने के लिए 51 कामों की सूची तैयार की थी। इनकी अनुमानित लागत करीब 15 करोड़ रुपये थी। विकास कार्यों से संबंधित यह फाइल भिवानी डीएमसी की मार्फत निदेशालय भेजी गई थी। करीब चार माह तक फाइल ठंडे बस्ते में रही और गत जुलाई माह में निदेशालय ने 51 में से 41 विकास कार्यों को मंजूरी देकर दस कामों पर स्वीकृति लंबित रखी थी। जो कार्य स्वीकृत किए गए थे, उनका बजट भी अब तक नहीं मिला है।
शहर में इन कामों की है दरकार
1- वार्डों में मरम्मत कार्य: लंबे समय से शहर के 21 वार्डों की गलियां क्षतिग्रस्त हैं और इनकी मरम्मत कराने की दरकार है। इस कार्य के लिए नगर परिषद ने 25 लाख का बजट निदेशालय से मांगा था। गलियों की दशा सुधारने की योजना को स्वीकृति मिल चुकी है।
2- प्रमुख सड़कों की मरम्मत : मानसून सीजन के बाद शहर की कई अंदरूनी सड़कें जवाब दे चुकी हैं। खासकर सिविल अस्पताल के पिछली तरफ से गुजरने वाली सड़क की हालत तो काफी खस्ता है। इसके अलावा अन्य सड़कों की 25 लाख से मरम्मत करवाई जाएगी।
3- स्टेडियम रोड: नगर परिषद ने पंचनद चौक से बलिदान स्टेडियम तक सड़क निर्माण की दो एस्टिमेट तैयार किए थे। इनमें से कॉलेज रोड चौक से स्टेडियम तक सड़क निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है जबकि दूसरे हिस्से के निर्माण को स्वीकृति नहीं मिली है।
4- पार्कों की मरम्मत: शहर स्थित बड़े रोज गार्डन समेत सभी मिनी पार्क बदहाल हैं। इन पार्कों का जीर्णोद्धार कराने को भी स्वीकृति मिल चुकी है। बजट आते ही एजेंसी के मार्फत पार्कों की खामियों की सूची तैयार कर टेंडर लगाया जाएगा।
5- गलियों का निर्माण: शहर में अभी करीब 50 से अधिक गलियां कच्ची पड़ी हैं और इनके पुनर्निर्माण की दरकार है। खासकर बारिश के दौरान तो स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतें होती हैं और बजट मिलने के बाद ही इनका निर्माण संभव है।
मुख्यमंत्री की घोषणा के अलावा मैंने 10 करोड़ की ग्रांट उनसे और मांगी थी। मैं जल्द ही मुख्यमंत्री से चंडीगढ़ में मुलाकात कर ग्रांट जारी कराने की मांग करूंगा। ग्रांट आते ही विकास कार्य शुरू करवा दिए जाएंगे।
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-बक्शीराम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद
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