वर्क ऑर्डर जारी होने के बावजूद विकास कार्य शुरू न कराने वाले ठेकेदारों के खिलाफ नप अधिकारियों ने नजर टेढ़ी कर ली है। करीब पांच करोड़ के 53 विकास कार्य लटकाने पर 14 ठेकेदारों को नोटिस थमाए गए हैं। इनमें तीन दिन के अंदर काम शुरू कराने और दस दिन के अंदर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। तीन दिन बाद अधिकारी साइट का जायजा लेंगे और अगर कहीं काम शुरू नहीं मिला तो एजेंसी को दोबारा नोटिस दिया जाएगा। इसमें जमानत राशि जब्त करने की चेतावनी दी जाएगी। नप सूत्रों की मानें तो पहली बार एकसाथ 14 ठेकेदारों को नोटिस थमाए गए हैं। इस मामले की चर्चा दिनभर नगर परिषद कार्यालय में भी रही।
नगर परिषद के शहर के विकास संबंधित 53 कार्य ठेकेदारों की मनमानी के चलते पूरे नहीं हो पा रहे। इन सभी कार्यों को दो माह के अंदर पूरा किया जाना था। सूत्रों की मानें तो लगभग सभी पर ही अब तक काम शुरू नहीं कराया गया है। इन्हें मार्च और अप्रैल माह में पूरा हो जाना चाहिए था। नगर परिषद अधिकारियों ने शहर का विकास प्रभावित होता देख ठेकेदारों पर कार्रवाई करने का मन बना लिया है। जो विकास कार्य रुके हुए हैं उनमें कुछ सीएम घोषणा से संबंधित भी है। आगामी आठ अगस्त को सीएम मनोहरलाल चरखी दादरी में युवाओं को समर्पित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। हालांकि वो गत 13 जुलाई को भी चरखी दादरी आए थे लेकिन इस दौरान जिले या शहर के विकास से संबंधित कोई घोषणा नहीं की थी। इस राज्य स्तरीय आयोजन में सीएम के जिले को सौगातें देने की उम्मीद भी है। वहीं, पूर्व की सीएम घोषणाओं पर काम तक शुरू न करने पर अब नगर परिषद अधिकारियों ने ठेकेदारों पर कार्रवाई का मन बना लिया है।
एक्सईएन सुंदर श्योराण ने बताया कि करीब पांच करोड़ रुपये के 53 टेंडर दिसंबर माह में आमंत्रित किए गए थे। जनवरी माह में ये अलॉट हुए थे और जनवरी और फरवरी माह में संबंधित एजेंसी को काम शुरू करने के लिए वर्क ऑर्डर जारी कर दिए गए थे। एक्सईएन ने बताया कि इसके बावजूद अब तक एजेंसियों ने साइट पर निर्माण कार्य शुरू तक नहीं कराया है। इसके चलते शुक्रवार को 14 ठेकेदारों को नोटिस जारी किए गए। इसके बावजूद अगर वो निर्देशों की पालना नहीं करते हैं तो दूसरा नोटिस जारी किया जाएगा और इसके बाद अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि तीन दिन बाद दोबारा से साइटों का जायजा लिया जाएगा और अगर कहीं निर्माण कार्य शुरू नहीं मिला तो फिर ठेकेदार के खिलाफ अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
80 गलियों और पांच स्वागत द्वार का भी होना है निर्माण
नगर परिषद ने 53 काम शुरू न करने पर एजेंसियों को नोटिस जारी किए हैं। इन कामों में गली निर्माण, स्वागत द्वार निर्माण सहित कुछ अन्य काम हैं। इन पर करीब पांच करोड़ लागत आनी है। नप सूत्रों की मानें तो शहर में करीब 80 गलियों का निर्माण भी इसी प्लानिंग का हिस्सा है। इसके अलावा बाबा स्वामी दयाल गेट, आंबेडकर द्वार, वीर सावरकर द्वार, हेडगवार द्वार सहित एक अन्य स्वागत द्वार का निर्माण होना है। वहीं, 80 गलियों का निर्माण नहीं होने से करीब सात से आठ हजार की आबादी परेशान है।
किसा एजेंसी ने कितने काम नहीं कराए शुरू
एजेंसी - विकास कार्यों की संख्या
जयपाल कांट्रेक्टर - 10
बजरंग कॉपरेटिव भागवी - 01
बिजेंद्र चहल - 03
दयाकिशन कांट्रेक्टर - 01
गुरू कंस्ट्रक्शन कंपनी - 02
कृष्ण कुमार कांट्रेक्टर - 05
रजनीश कांट्रेक्टर - 02
आशा लक्ष्मी कॉपरेटिव - 04
संजय कुमार कांट्रेक्टर - 02
शिव कॉपरेटिव - 05
श्रीभगवान कांट्रेक्टर - 03
सुरेंद्र कांट्रेक्टर - 03
प्रदीप कांट्रेक्टर - 04
वर्मा बिल्डर्स - 08
ये हो सकती है कार्रवाई
नप अधिकारियों की मानें तो अगर तीन दिन में निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया तो दूसरा नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद जमानत राशि जब्त की जाएगी। जमानत राशि टेंडर प्रक्रिया की दो प्रतिशत होती है। अधिकारियों की मानें तो ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट तक किया जा सकता है।
14 एजेंसियों ने अब तक काम शुरू नहीं कराया है और इसके लिए हमने नोटिस भेज दिए हैं। नोटिस में तीन दिन के अंदर काम शुरू करने और दस दिन के अंदर पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। अगर ऐसा नहीं किया गया तो अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सुंदर श्योराण, एक्सईएन, नगर परिषद