चरखी दादरी। क्षेत्र में पशुओं में लंपी वायरस मिलने की आशंका पर पशुपालन विभाग की टीम ने शुक्रवार को गांव मेहड़ा का दौरा कर हालातों का जायजा लिया। गांव मेहड़ा में पांच गायों में लंपी वायरस जैसे लक्षण मिले हैं जबकि विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि इस मौसम में मक्खी एवं मच्छर के काटने से पशु के शरीर पर फोड़े जैसे निशान हो जाते हैं।
इस गांव में पांच ऐसे पशु हैं जिनमें लंपी वायरस जैसे लक्षण मिले हैं। पांच में से तीन के स्वास्थ्य में सुधार हो गया है जबकि दो गायों में सुधार हो रहा है। वहीं, पशुपालन विभाग इस रोग के फैलने की आशंका के चलते सतर्क हो गया है। अब तक इस रोग की पुष्टि के लिए विभाग की ओर से किसी पशु का टेस्ट नहीं करवाया गया है।
पालकों से पशुओं के स्वास्थ्य के बारे में ली जानकारी
शुक्रवार को पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. जसवंत जून ने गांव मेहड़ा में जाकर इन पशुओं के पालकों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। डॉ. जून ने पशुपालकों को रोग से चिंता नहीं करने की बात कही। डॉ. जून ने पशुपालकों से कहा कि विभाग पशुओं के उपचार के लिए तत्पर है। पशुपालन अपने नजदीकी पशु औषधालय में जाकर चिकित्सकों से सलाह लेते रहे। उपनिदेशक ने पशुपालकों से पशुओं को मच्छरों व मक्खी आदि से बचाव करने के लिए मच्छरदानी का इस्तेमाल की सलाह दी। वहीं विभाग भी अब सतर्क हो गया है। दो साल पहले जिले में लंपी वायरस से काफी संख्या में पशुओं की मौत हुई थी। उस समय विभाग की ओर से सभी गायों को वैक्सीन लगाई गई थी।
:: मक्खी, मच्छर के काटने से भी पशु के शरीर पर फोड़े व निशान आदि हो जाते हैं। फिलहाल लंपी वायरस की पुष्टि नहीं कर सकते हैं। हमने गांव मेंं जाकर पालकों से पशुओं के स्वास्थ्य की जानकारी ली है। पशुपालकों को इस बारे में जागरूक भी किया है। पशुपालक अपने नजदीकी पशु अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों से सलाह लेते रहे। पशुओं के बांधने की जगह को साफ बनाए रखें।
- डॉ. राजेश जून, डिप्टी डायरेक्टर, पशुपालन विभाग, चरखी दादरी।