चरखी दादरी। रक्षाबंधन पर्व पर दादरी बस स्टैंड से पहले दिन 25 हजार महिलाओं ने निशुल्क यात्रा की। महिला यात्रियों की तादाद ज्यादा रहने से बसें कम पड़ गईं और अधिकारियों को लोकल रूटों पर बसों के फेरे बढ़वाने पड़े। हालांकि बावजूद इसके महिलाओं को बूथों पर बस के लिए 30 मिनट से 60 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। प्राइवेट बसों में भी महिलाओं ने निशुल्क सफर किया।
डिपो अधिकारियों की ओर से रक्षाबंधन पर 105 बसों का संचालन किया गया। पहले दिन महेंद्रगढ़, भिवानी, रोहतक, झज्जर, लोहारू आदि रूटों पर अधिक भीड़ के चलते अव्यवस्था रही। वहीं, सहकारी समितियों की छह बसें रोहतक रूट से गायब रहीं जिसके चलते रोहतक रूट पर सबसे अधिक भीड़ होने के चलते बसों के फेरे बढ़ाए गए।
दोपहर 12 बजे बाद अचानक बस स्टैंड पर उमड़ी भीड़ के चलते प्रबंधन को भी व्यवस्था बनाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं, निर्धारित रूटों के अलावा पहले दिन 19 बसों के अतिरिक्त फेरे लगाकर बहनों को गंतव्य तक पहुंचाया गया। महिलाओं की उमड़ी भीड़ के कारण 105 बसें भी पर्याप्त नहीं रही। महेंद्रगढ़, नारनौल, रोहतक, झज्जर, बाढड़ा, सतनाली, लुहारू, कनीना व भिवानी रूटों पर 19 अतिरिक्त बसें चलाई गई।
बस स्टैंड पर तैनात रहे 25 पुलिसकर्मी
पुलिस की ओर से महिलाओं की सुरक्षा के लिए बस स्टैंड में 25 पुलिस कर्मचारियों की तैनाती की गई। वहीं, रोडवेज के भी 20 महिला- पुरुष कर्मचारी व्यवस्था बनाने के लिए तैनात रहे। प्रबंधन की ओर से प्रत्येक बूथ पर एक निरीक्षक व उप निरीक्षक की तैनाती की गई। दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक अधिक भीड़ रही जिसके कारण प्रबंधन की भी सांसें फूली रही।
खचाखच भरी रही बसें, खड़े होकर किया सफर
महिलाओं की अधिक भीड़ के चलते सीट नहीं मिलने व बसों में खचाखच भीड़ होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा। बस स्टैंड पर हालात ऐसे थे कि जिस भी रूट की बस बूथ पर लगती तो वह महज पांच मिनट में ही खचाखच भर जाती। अधिकांश बसों की सीटिंग पांच मिनट मे ही फूल हो गई और महिला यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ा।
महिला यात्रियों की पहले दिन भीड़ ज्यादा रही। इसके चलते कुछ लोकल रूटों पर बसों के अतिरिक्त फेरे भी लगाए गए। देर शाम तक दादरी डिपो से बसों का संचालन किया गया। करीब 25 हजार महिलाओं ने गंतव्य तक निशुल्क यात्रा की।
-दीपक कुमार, टीएम, दादरी डिपो