एसपी नितिका गहलोत को सौंपे ज्ञापन सौंप कर बाहर आए अधिवक्ता।
चरखी दादरी। गोपी निवासी बुजुर्ग दंपती की आत्महत्या मामला गर्माता जा रहा है। इस मामले में अब कुछ अधिवक्ताओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एसआईटी गठित कर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। बुधवार को इस मांग को लेकर वो एसपी निकिता गहलोत से मिले। उन्होंने उनसे निष्पक्ष जांच करवाकर सच सबके सामने लाने की मांग की, ताकि समाज का कानून पर विश्वास कायम रहे।
एसपी निकिता गहलोत को सौंपे ज्ञापन में अधिवक्ता संजीव तक्षक, विरेंद्र डुडी, एडवोकेट प्रवीन तक्षक, एडवोकेट प्रदीप कालीरमण, एडवोकेट शौकीन वर्मा व रमन आदि ने बताया कि गत 20 मार्च को मूलरूप से गोपी निवासी जगदीशचंद और उनकी पत्नी भागली देवी ने आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने सुसाइड नोट में पुत्र और दो पुत्रवधू पर प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए। इस मामले में पुलिस ने सुसाइड नोट को आधार मानकर चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
ज्ञापन में बताया गया कि अब इस मामले में आर्य समाज के लोग आरोपियों को निर्दोष बता रहे हैं क्योंकि उनकी पहुंच ऊपर तक है। इस मामले में जांच एजेंसी पर आरोपियों का पूरा दबाव व प्रभाव है। वहीं, मृतक के परिजन ही जब आरोपी हो और मामले की कोई पैरवी करने वाला न हो तो जांच प्रभावित होना लाजमी है। ज्ञापन के जरिये उच्च एजेंसी से मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर न्याय करने की मांग की गई, ताकि समाज का कानून पर विश्वास कायम रहे। ये महत्वपूर्ण नहीं है कि आरोपी कौन है, बल्कि ये महत्वपूर्ण है कि गलत करने वाले को सजा जरूर मिले।
बुजुर्ग दंपती आत्महत्या मामला बड़ा मामला है। अब उनकी पैरवी करने वाला कोई नहीं बचा है जबकि आर्य समाज के लोग इस मामले के आरोपियों को बचाने में लगे हुए हैं। ऐसे लोगों का सारा कच्चा चिट्ठा मेरे पास है। मामले की एसआईटी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग को लेकर आज हम एसपी से मिले हैं और उन्होंने वीरवार को ही एसआईटी गठित करने का आश्वासन दिया है।
-संजीव तक्षक, एडवोकेट, दादरी बार एसोसिएशन