स्कूल का निरीक्षण करते हुए मौलिक शिक्षा अधिकारी सुशील भारती।
बाढड़ा। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (डीईईओ) सुशील भारती ने बुधवार को बाढड़ा खंड के विभिन्न राजकीय प्राथमिक विद्यालयों का शैक्षिक दौरा कर विद्यालयों में संचालित निपुण कक्षाओं का निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान के अंतर्गत विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति, कक्षा-कक्ष में अपनाई जा रही शिक्षण विधियों और सीखने के वातावरण की गुणवत्ता का मूल्यांकन करना रहा। डीईईओ ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला हुई, गोपी और काकड़ोली हुक्मी के प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति, अध्यापकों की शिक्षण शैली, टीचिंग-लर्निंग मेटेरियल और कक्षा-कक्ष की शैक्षिक सज्जा का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी पठन-पाठन क्षमता, गणितीय समझ और भाषा कौशल की भी समीक्षा की।निरीक्षण के दौरान सुशील भारती ने अध्यापकों को निर्देश दिए कि कक्षाओं में प्रिंट रिच वातावरण को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि बच्चे अक्षरों, शब्दों, चित्रों और अंकों के माध्यम से सहज रूप से सीख सकें। उन्होंने कहा कि कक्षा-कक्ष में चार्ट, पोस्टर, शब्द भित्ति, अंक तालिका और स्थानीय संदर्भों से जुड़े शिक्षण साधनों का नियमित उपयोग किया जाए। इससे बच्चों में सीखने के प्रति रुचि बढ़ेगी और उनकी बुनियादी समझ मजबूत होगी। उन्होंने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर विशेष बल देते हुए कहा कि बच्चों की निरंतर उपस्थिति ही निपुण हरियाणा मिशन के लक्ष्यों को प्राप्त करने की कुंजी है। इस अवसर पर एफएलएन जिला कोऑर्डिनेटर संदीप कुमार और असिस्टेंट रामकरण भी उपस्थित रहे। उन्होंने भी शिक्षकों को एफएलएन गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन, सतत मूल्यांकन और बच्चों की व्यक्तिगत सीखने की जरूरतों पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।