रोडवेज डिपो में आयोजित बैठक में शामिल कर्मचारी।
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चरखी दादरी। हरियाणा राज्य परिवहन के कर्मचारियों ने सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ बुधवार को परिवहन डिपो की कर्मशाला में बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि 12 फरवरी को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल में हरियाणा रोडवेज का चक्का जाम रहेगा। बैठक की अध्यक्षता करते हुए हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के राज्य प्रधान नरेंद्र दिनोद ने कहा कि सरकार जानबूझकर रोडवेज के बेड़े को खत्म कर निजी ऑपरेटर्स को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
नरेंद्र ने कहा कि सरकार रोडवेज का निजीकरण करके न केवल कर्मचारियों के भविष्य को अंधकार में डाल रही है, बल्कि आम जनता से सस्ती परिवहन सेवा भी छीनना चाहती है। बार-बार अधिकारियों के साथ बैठकों में मांगों पर सहमति बनती है जबकि इसे लागू नहीं किया जाता है। यह सरकार की वादा खिलाफी है। अब बातचीत का समय निकल चुका है अब चक्का जाम होगा। उन्होंने कहा कि रोडवेज कर्मचारियों की मांगों में पुरानी पेंशन योजना बहाली, किलोमीटर स्कीम और निजीकरण की नीतियों पर तत्काल रोक, रोडवेज बेड़े में 10 हजार नई सरकारी बसों की शामिल करना, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना आदि शामिल हैं।
बैठक में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जयकुमार दहिया और पवन शर्मा ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया। यूनियन नेता जयकुमार ने कहा कि 12 फरवरी की हड़ताल को सफल बनाने के लिए हर डिपो और सब-डिपो पर गेट मीटिंग आयोजित की जाएंगी। इस अवसर पर डिपो प्रधान सुनील, सचिव योगेश जांगड़ा, भूप धनासरी, जिला प्रधान यशपाल सांगवान, सुखदर्शन मौजूद रहे।