संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। क्षेत्रीय किसानों के मुद्दों और विधानसभा चुनाव को लेकर रविवार को किसान व मजदूर संगठनों ने किसान विश्राम गृह में बैठक कर राजनीतिक समीक्षा की। इसमें बिजली, सिंचाई और पीने के पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं को पूरा करने में नाकाबिल रहे पूर्व जनप्रतिनिधियों, दलबदलू और बाहरी प्रत्याशियों को वोट न देने फैसला लिया गया।
किसान नेता जगबीर घसौला ने कहा कि क्षेत्र में राजनीतिक पार्टियां विधानसभा चुनाव में बाहरी प्रत्याशी को जनता पर थोपने का काम करती हैं। ये नेता झूठे वादों के सपने दिखाकर जनता से वोट ठगने का काम करते आ रहे हैं। ऐसे नेताओं से जनता ऊब चुकी है।
प्रदेश महासचिव रणबीर फौजी घिकाड़ा ने बताया कि विकास के क्षेत्र में पिछड़ेपन को लेकर जनता में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली से खासी नाराजगी है। अब जिले के 172 गांव के सरपंचों, जिला परिषद एवं ब्लॉक समिति सदस्यों, सामाजिक संगठनों के बुद्धिजीवियों को एक बैनर के नीचे इकट्ठा करके 14 जुलाई को नई अनाज मंडी बैठक की जाएगी।
बैठक में जिला अध्यक्ष अमरजीत, जिला महासचिव धर्मचंद तिवाला, जगदेव सिंह कलकल, प्रधान रणबीर, ट्रैक्टर यूनियन प्रधान राजेंद्र डागर, बिजेंद्र, रतन सिंह कलाली, भल्लेराम, कृष्ण, रामअवतार मकड़ानी, राजा, सुखबीर, राजेश, सतपाल आदि मौजूद रहे।