प्रस्तावित लीड:
अमर उजाला एक्सकूलसिव:
20 दिन बाद ग्राम पंचायतों के खाते में पहुंचेगी पीआरआई ग्रांट, सरपंच अपने स्तर पर करवा सकेंगे लंबे समय से लंबित छिटपुट कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। ग्रामीण क्षेत्रों में जल्द ही विकास कार्य रफ्तार पकड़ेंगे। इसके तहत जिले की 167 ग्राम पंचायतों को 20 दिन बाद पीआरआई ग्रांट के रूप में करीब 25 करोड़ का बजट मिलेगा। इस बजट से गांवों में छोटे स्तर के विकास कार्य करवाए जा सकेंगे। इसके बाद करीब पांच लाख की आबादी को मूलभूत सुविधाओं की कमी के दंश से छुटकारा मिलेगा।
हर साल इस ग्रांट के रूप में जिले की 167 ग्राम पंचायतों को करीब 25 करोड़ का बजट मिलता है। यह ग्रांट गांव की जनसंख्या के आधार पर मिलती है। इस समय गांवों में विकास कार्यों की सख्त जरूरत है। छोटे स्तर के विकास कार्य कम ही हो पा रहे हैं। लंबे समय से ग्राम पंचायतों को पीआरआई ग्रांट मिलने का इंतजार है। दरअसल, केंद्र सरकार हर साल गांवों के लिए पीआरआई ग्रांट जारी करती है। इस ग्रांट से ही सरपंच गांवों में नालों, छोटी गलियों व अन्य छोटे-मोटे कामकाज करवा सकते हैं।
केंद्र सरकार साल में दो बार यह पीआरआई ग्रांट पंचायतों को देती है। साल में इसके तहत दो किस्तें जारी होती हैं। यह ग्राम पंचायतों के खातों में पहुंचती है। इसके बाद पंचायत आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ग्रांट खर्च कर सकती है।
- ग्राम स्वराज पोर्टल पर उपलब्ध है पंचायतों का ब्योरा
पंचायत विभाग ने ग्राम स्वराज नाम से पोर्टल लांच कर रखा है। इस पोर्टल पर सभी पंचायतों का डाटा अपलोड है। गांवों की जनसंख्या, विकास कार्यों की प्रकृति व अन्य आवश्यक बिंदु इस पोर्टल पर अपडेट हैं। इस डाटा के आधार पर पीआरआई ग्रांट जारी होती है।
- ग्रांट खर्च करने के लिए जिला परिषद की संस्तुति जरूरी
पीआरआई ग्रांट सीधे पंचायत के बैंक खाते भेजी जाती है। जिस गांव की जितनी आबादी है, उसी अनुपात में यह ग्रांट जारी होती है। इस ग्रांट का इस्तेमाल सरपंच जिला परिषद की संस्तुति से अपने विवेक व जरूरतों के अनुसार खर्च कर सकता है। इस समय गांवों में विकास कार्यों की जरूरत है।
- दादरी जिले में हैं चार ब्लॉक
जिले में चार ब्लॉक हैं। इनमें दादरी, बौंद कलां, झोझू कलां व बाढड़ा शामिल हैं। जनवरी 205 में पीआरआई ग्रांट की राशि पंचायतों के बैंक खातों में डाली जाएगी। छोटे स्तर के कार्य इस ग्रांट से पूरे करवाए जा सकते हैं। पीआरआई ग्रांट से जुड़े कार्य इस समय जिला परिषद को सौंप रखे हैं। जिला परिषद के साथ तालमेल से सरपंच इस राशि को विकास कार्यों पर खर्च कर सकते हैं।
वर्सन:
नए साल की शुरुआत में ही यह ग्रांट पंचायतों को मिल जाएगी। इस राशि से पंचायतें गांव में छोटे स्तर के विकास कार्य करवा सकेंगी। सरकार ग्राम पंचायताें का विकास शहरी तर्ज पर करवाने को कृत संकल्पित है।
-रविंद्र कुमार, जिला पंचायत एवं विकास अधिकारी
फोटो- 13
निकासी के प्रबंध न होने से कादमा गांव में भरा दूषित पानी। संवाद
फोटो 14
दादरी खंड के गांव में कच्ची पड़ी गली। संवाद