चरखी दादरी। जिले के युवाओं में कुश्ती और कबड्डी के साथ वॉलीबाल का रुझान भी बढ़ रहा है। वॉलीबाल स्पर्धाओं में भी युवा पदक जीतकर जिले का नाम चमका रहे हैं। बलकरा वॉलीबाल एकेडमी में पिछले तीन साल प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों की संख्या 50 प्रतिशत बढ़ गई है। लोग कह रहे हैं कि गबरु वॉलीबाल में भी कमाल कर रहे हैं।
बलकरा वॉलीबाल एकेडमी में 60 खिलाड़ी खेल अभ्यास कर रहे हैं। यहां के खिलाड़ियों ने राज्य स्तर पर 15 पदक जीतकर संस्थान की झोली में डाले हैं। कोच प्रीतम सिंह ने बताया कि तीन साल पहले उन्होंने इस एकेडमी को ज्वाइन किया। इससे पहले वे मकड़ाना एकेडमी में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देते थे। बलकरा अकादमी में पहले 40 युवा खेलने के लिए आते थे, लेकिन अब तीन साल में खिलाड़ियों की संख्या बढ़कर 60 हो गई है।
उन्होंने बताया कि पहले भी खिलाड़ी आते थे, लेकिन उस समय खिलाड़ियों के लिए उतनी सुविधाएं नहीं थीं। इन तीन साल में उन्होंने सरकार की ओर से खिलाड़ियों के लिए पानी, बिजली, जिम आदि की सुविधा मुहैया करवाई है। इससे अब खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने में ज्यादा सहायता मिलेगी। उन्होंने बताया कि वे स्वयं भी राष्ट्रीय स्तर पर पांच और राज्य स्तर पर छह पदक जीत चुके हैं। उन्होंने पिछले आठ साल में कई युवाओं को वॉलीबाल का प्रशिक्षण दिया है, जिनमें से 30 खिलाड़ी खेल कोटा पाकर विभिन्न सरकारी नौकरियां प्राप्त कर चुके हैं। अकादमी संचालन में ग्रामीणों और सरपंच का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है।
- ये हैं एकेडमी के 5 खिलाड़ी सर्वश्रेष्ठ
कोच प्रीतम सिंह ने बताया कि एकेडमी में पांच खिलाड़ी सर्वश्रेष्ठ हैं जिनमें राहुल, साहिल, फारूख, सुशांत और प्रिंस शामिल हैं। इन्होंने राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाकर स्वर्ण पदक सहित कुल 11 पदक हासिल किए हैं। इनमें से राहुल व प्रिंस नेशनल स्तर पर खेल चुके हैं। अब इन खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की तैयारी करवा रहे हैं।
ये है चयन प्रक्रिया....
कोच प्रीतम सिंह ने बताया कि एकेडमी के साथ खेल नर्सरी भी चलाई जा रहीं हैं। खेल नर्सरी में ट्रायल के आधार पर जबकि एकेडमी में प्रवेश सीधा दिया जाता है। नर्सरी के 25 खिलाड़ियों को सरकार की ओर से आयु वर्ग के अनुसार डाइट भत्ता दिया जाता है।
खिलाड़ी बोले : सुविधाएं मिलीं तो बढ़ा मनोबल
वॉलीबाल खेलना बेहद पसंद है। खेल नर्सरी और एकेडमी में सुविधाएं बढ़ने से काफी मनोबल मिला है। इससे खिलाड़ियों का खेल कौशल भी निखरा है। राज्य स्तर पर दो स्वर्ण और एक कांस्य पदक हासिल कर चुका हूं। - राहुल, खिलाड़ी।
वॉलीबाल स्पर्धा में राज्य स्तर पर दो स्वर्ण समेत चार पदक जीत चुका हूं। अब राष्ट्रीय स्तर पर खेलने की तैयारी कर रहा हूं। मेरी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनने की ख्वाहिश है और इसे पूरा करने के लिए प्रयासरत हूं। - साहिल, खिलाड़ी
अभिभावक बोले : लाडले चमका रहे नाम, इस बात की खुशी
गांव में युवाओं को खेल के लिए प्रोत्साहित करने के लिए खेल नर्सरी सुविधा शुरू करना अच्छा कदम है। प्रशिक्षण पाकर युवा अपना सुनहरा भविष्य बनाने के साथ माता-पिता का नाम रोशन कर रहे हैं। - सुनील, अभिभावक
खेल में भी युवाओं के लिए अच्छा भविष्य बनाने का विकल्प है। अगर बेटा जिले, राज्य और राष्ट्र का नाम रोशन करे तो माता-पिता के लिए इससे बड़ी खुशी कोई नहीं होगी। गांव स्तर पर खेल प्रशिक्षण सुविधा मिलने से प्रतिभाएं निखरेंगी। - बिजेंद्र, अभिभावक