जिले की दोनों विधानसभा सीटों पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। जहां बाढड़ा सीट से जजपा प्रत्याशी नैना चौटाला ने जीत दर्ज की, वहीं दादरी से भाजपा का टिकट कटने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़कर सोमबीर सांगवान विधायक बनने में कामयाब रहे। बाढड़ा से नैना चौटाला ने कांग्रेस प्रत्याशी रणबीर महेंद्रा तो दादरी से सोमबीर सांगवान ने सतपाल सांगवान और बबीता फौगाट को हराया। दादरी सीट से भाजपा प्रत्याशी बबीता फौैगाट तीसरे स्थान पर रहीं।
वीरवार को हुई मतगणना में बाढड़ा हलके से कांग्रेस प्रत्याशी रणबीर महेंद्रा को लगातार तीसरी बार हार का सामना करना पड़ा। इस सीट से जजपा प्रत्याशी नैना चौटाला ने पहली बार चुनाव लड़ा और उन्होंने जीत दर्ज की। हलके से भाजपा प्रत्याशी सुखविंद्र मांढ़ी लगातार दो बार विधायक बनने के सपने को साकार नहीं कर पाए। अब तक बाढड़ा से कोई भी नेता लगातार दो बार विधायक नहीं बना है। इस सीट से पहली बार पूर्व मुख्यमंत्री देवीलाल और बंसीलाल के परिवार से प्रत्याशियों का आमना-सामना हुआ, जिसमें बंसीलाल के पुत्र रणबीर महेंद्रा को हार का सामना करना पड़ा।
इधर, सोमबीर सांगवान ने दादरी से 14272 मतों से जीत दर्ज की। वह दादरी से पहले निर्दलीय विधायक बने हैं, क्योंकि यहां से अभी तक चुने गए सभी 12 विधायकों ने किसी न किसी पार्टी से चुनाव लड़ा था। भाजपा का सोमबीर का टिकट काटकर दंगल गर्ल बबीता फौगाट को मैदान में उतारने का दांव उल्टा पड़ गया। बबीता तीसरे नंबर पर रही, जबकि दूसरे नंबर जजपा प्रत्याशी एवं पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान रहे। सोमबीर सांगवान को 43849, सतपाल सांगवान को 29577 और बबीता फौगाट को 24786 वोट मिले। बबीता फौगाट ने आठवें राउंड की समाप्ति तक अच्छी खासी बढ़त बना रखी थी। आठवें राउंड तक बबीता फौगाट को 15072 मत मिले। वहीं, निर्दलीय प्रत्याशी सोमबीर सांगवान सात राउंड पूरे होने तक तीसरे नंबर पर रहे। सोमबीर सांगवान आठवें राउंड में दूसरे नंबर पर पहुंचे और नौंवे राउंड की समाप्ति पर वह न केवल पहले स्थान पर आ गए, बल्कि उन्होंने बबीता फौगाट से 1410 वोटों की बढ़त भी बना ली। इसके बाद तो सोमबीर की बढ़त बढ़ती चली गई। बबीता दसवें राउंड तक दूसरे नंबर पर रहीं और 11वें राउंड में पिछड़कर तीसरे नंबर पर आ गईं। इस राउंड की समाप्ति पर सोमबीर सांगवान 24457 वोटों के साथ पहले, सतपाल सांगवान 17771 वोटों के साथ दूसरे और बबीता फौगाट 17547 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहीं।
दोनों हलकों में दिग्गजों को मिली हार
बाढड़ा हलके से कांग्रेस प्रत्याशी रणबीर महेंद्रा को लगातार तीसरी हार गए। 2014 में उन्हें भाजपा प्रत्याशी सुखविंद्र मांढ़ी ने 5006 वोटों से हराया था, जबकि 2009 में वह इनेलो प्रत्याशी कर्नल रघबीर छिल्लर से 709 वोटों से हारे थे। वहीं, जजपा प्रत्याशी और कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे सतपाल सांगवान को लगातार दूसरी बार हार का सामना करना पड़ा। 2014 के चुनाव में सतपाल को करीब 15 हजार से अधिक वोट मिले थे और वह तीसरे नंबर पर रहे थे। इधर, कांग्रेस के दादरी से प्रत्याशी एवं पूर्व विधायक मेजर नृपेंद्र सांगवान और भाजपा प्रत्याशी बबीता फौगाट को हार का सामना करना पड़ा।
दादरी हलके में दस प्रत्याशियों से तो बाढड़ा में चार से आगे रहा नोटा
दादरी हलके के 593 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया। हलके के दस प्रत्याशी नोटा से भी पीछे रहे। इनमें प्रत्याशी ललित कुमार, राजेश सिंह, भास्कर वशिष्ट, प्यारेलाल लांबा, नरेश कुमार, कुलवीर, अनीता, लाखन सिंह, संजीव गोदारा व अनीता कुमारी शामिल हैं। वहीं, बाढड़ा हलके में नोटा चार प्रत्याशियों से आगे रहा। बाढड़ा हलके के 398 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया। प्रत्याशी राजबीर, मंगल सैन, पवन व महेंद्र को नोटा से भी कम वोट मिले।
ये रहे सोमबीर सांगवान की जीत के कारण
भाजपा से 2014 में वह चुनाव लड़ थे और 1610 वोटों से हार गए थे। इस बार बीजेपी से उनका टिकट कटने के कारण लोगों में उनके प्रति सहानुभूति थी। सोमबीर को भाजपा के टिकट का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। इसके अलावा सोमबीर सांगवान खाप-40 के प्रधान भी हैं। सांगवान खाप क्षेत्र की प्रमुख खापों में से एक है। सोमबीर ने समर्थकों के कहने पर ही निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला लिया था। इसके साथ ही दंगल गर्ल बबीता को राजनीति के अखाड़े का अनुभव नहीं था और वह मतदाताओं पर पकड़ नहीं बना र्पाईं।