चरखी दादरी। जिला देश के टॉप 50 फ्रंटियर जिलों में शामिल हुआ है। नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में शुक्रवार को नीति आयोग की ओर से आयोजित फ्रंटियर 50 वर्कशॉप में देश के चयनित 50 जिलों के उपायुक्तों को आमंत्रित किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ नीति आयोग के सीईओ और मिशन डायरेक्टर की ओर किया गया।
उपायुक्त डॉ. मुनीश नागपाल ने आकांक्षी ब्लॉक बाढड़ा की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए इसे टेक्नोलॉजी ड्रिवन मॉडल ब्लॉक के रूप में विकसित करने की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि देशभर के 513 आकांक्षी ब्लॉकों एवं 112 आकांक्षी जिलों में से मात्र 50 जिलों का चयन फ्रंटियर जिलों के रूप में हुआ है इसमें दादरी ने अपनी सशक्त पहचान बनाई है।
नवाचारी प्रस्ताव एवं तकनीकी पहल
प्रशासन द्वारा बाढड़ा ब्लॉक के सर्वांगीण विकास के लिए विशेष इनोवेटिव प्रपोजल तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें नीति आयोग की फ्रंटियर टेक्निकल हब शाखा को बजट एवं अनुदान के लिए भेजा जाएगा। इसके तहत सरकारी विद्यालयों में एआर वीआर तकनीक लागू कर शिक्षण को अधिक रोचक और प्रभावी बनाया जा रहा है। सिट्रस (नींबू वर्गीय फलों) की बागवानी को बढ़ावा देने तथा तकनीक आधारित कृषि मॉडल को अपनाने पर जोर दिया गया है। डिजिटल मॉनिटरिंग, मातृ-शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण योजनाओं को मजबूत करने के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। वहीं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय एवं जल शक्ति मंत्रालय से संबंधित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, सूक्ष्म सिंचाई, भूजल प्रबंधन एवं जल संरक्षण के लिए तकनीकी पहल प्रस्तावित हैं।
आकांक्षी ब्लॉक बाढड़ा की उपलब्धियां
आकांक्षी ब्लॉक बाढड़ा का कंपोजिट स्कोर 67.3 से बढ़कर 76.31 हो गया है। सभी ग्राम पंचायतों को भारतनेट से जोड़ा जा चुका है, जिससे डिजिटल कनेक्टिविटी एवं डेटा-आधारित मॉनिटरिंग को नई मजबूती मिली है।
इस अवसर पर नीति आयोग (आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम) के एबी फेलो मणि प्रकाश भी कार्यशाला में सहयोगी के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, डेटा विश्लेषण एवं तकनीकी नवाचारों के समन्वय में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। वहीं उपायुक्त डॉ. नागपाल ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने विभागों में शीघ्र इनोवेशन प्लान तैयार करें। उन्होंने कहा कि दादरी की यह उपलब्धि न केवल जिले के लिए गौरव का विषय है, बल्कि आकांक्षी ब्लॉक बाढड़ा आने वाले समय में तकनीक-आधारित समग्र एवं परिणामोन्मुख विकास का राष्ट्रीय मॉडल बनकर उभरेगा।